नशा तस्करी: बिलासपुर पुलिस ने थापना टनल के पास 533.6 ग्राम चरस के साथ दबोचे दो कुख्यात तस्कर
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुहिम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन मार्ग पर थापना टनल नंबर-2 के पास नाकाबंदी के दौरान 533.6 ग्राम चरस बरामद की। इस कार्रवाई में दो कुख्यात नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह सफलता न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई
बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम ने थापना टनल के पास वाहनों की जांच के लिए नाका लगाया था। मंडी-भराड़ी की ओर से आ रही एक कार को संदिग्ध मानकर रोका गया। कार में दो युवक सवार थे। पुलिस ने जब तलाशी ली, तो चालक की बगल वाली सीट के नीचे छिपाई गई 533.6 ग्राम चरस बरामद हुई। यह खेप नशा तस्करों के नेटवर्क का हिस्सा थी, जो हिमाचल के युवाओं को नशे की लत में धकेलने की साजिश रच रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लिया। उनकी पहचान निम्नलिखित है:
- अतुल शर्मा, उम्र 26 वर्ष, निवासी धर्मपुर, जिला मंडी।
- प्रीति चंद, उम्र 35 वर्ष, निवासी भरमेड़ा, डाकघर कुरटी, तहसील जोगिंद्रनगर, जिला मंडी।
पुलिस के अनुसार, ये दोनों मंडी जिले के जाने-माने नशा तस्कर हैं। उनके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई ने उनके नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।
पुलिस की सख्ती और जांच
बिलासपुर के डीएसपी मदन धीमान ने इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वारघाट थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना स्वारघाट की पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चरस की यह खेप कहां से आई और इसका गंतव्य क्या था। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से नशा तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
नशे के खिलाफ जंग
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। बिलासपुर पुलिस की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रही जंग में एक मील का पत्थर है। स्थानीय लोग पुलिस के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां न केवल तस्करों में खौफ पैदा करती हैं, बल्कि समाज को नशे की गिरफ्त से बचाने में भी मदद करती हैं। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें, ताकि नशे के इस जाल को और मजबूत होने से रोका जा सके।