हिमाचल पुलिस भर्ती: 877 हवलदार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू, 6 अगस्त को होगा बी-1 टेस्ट

Himachal News: हिमाचल प्रदेश पुलिस में 877 हवलदार पदों के लिए हिमाचल पुलिस भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 6 अगस्त को बी-1 टेस्ट होगा। 60% पद इस टेस्ट के माध्यम से भरे जाएंगे। डीजीपी अशोक तिवारी ने आदेश जारी किए। पात्रता कट-ऑफ तिथि 31 जुलाई है। सिलेबस और जानकारी पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यह अवसर कांस्टेबलों के लिए करियर में आगे बढ़ने का मौका है।

बी-1 टेस्ट का महत्व

हिमाचल पुलिस भर्ती के तहत बी-1 टेस्ट लोअर स्कूल कोर्स के लिए कांस्टेबलों का चयन करेगा। यह टेस्ट 2008 के संशोधित नियमों के आधार पर होगा। 877 हवलदार पद 2025 में रिक्त होने की संभावना है। टेस्ट में सफल उम्मीदवारों को मैरिट के आधार पर चुना जाएगा। यह प्रक्रिया पुलिसकर्मियों के लिए पदोन्नति का सुनहरा अवसर है। डीजीपी ने सभी पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं।

पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

हिमाचल पुलिस भर्ती के लिए पात्रता सूची 31 जुलाई को जारी होगी। सभी पुलिस कार्यालयों के प्रमुख पात्र कांस्टेबलों से लिखित सहमति लेंगे। सहमति 5 जुलाई तक एपी एंड टी कार्यालय को भेजी जाएगी। स्थायी आदेश 01/2024 के तहत प्रक्रिया होगी। कांस्टेबल अपनी मेहनत और समर्पण से इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। टेस्ट की तैयारी के लिए सिलेबस वेबसाइट पर देखें।

टेस्ट की तैयारी और सिलेबस

हिमाचल पुलिस भर्ती के बी-1 टेस्ट का सिलेबस पुलिस वेबसाइट पर उपलब्ध है। कांस्टेबलों को लिखित परीक्षा की तैयारी के लिए समय पर अध्ययन शुरू करना होगा। टेस्ट में सामान्य ज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी और तर्कशक्ति जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। यह टेस्ट कांस्टेबलों के लिए अपनी क्षमता दिखाने का मौका है। मेहनत और लगन से वे हवलदार के पद तक पहुंच सकते हैं।

पुलिस विभाग के निर्देश

डीजीपी अशोक तिवारी ने सभी पुलिस प्रमुखों को बी-1 टेस्ट की तैयारियों के लिए निर्देश दिए। हिमाचल पुलिस भर्ती के तहत 60% पद मैरिट के आधार पर भरे जाएंगे। यह प्रक्रिया पारदर्शी होगी। कांस्टेबलों को 31 जुलाई तक पात्रता के लिए आवेदन करना होगा। टेस्ट 6 अगस्त को आयोजित होगा। यह कदम पुलिसकर्मियों के करियर को नई दिशा देगा।

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अवैध शराब तस्करी: हिमाचल में पुलिस ने पकड़ी बीयर की 37 पेटियां, चालक गिरफ्तार

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में अवैध शराब तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने कड़ा कदम उठाया है। झंडूता पुलिस ने बीती रात बैहनाजट्टां के पास कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर नाकाबंदी के दौरान एक जीप की तलाशी ली। इस दौरान वाहन से बीयर की 37 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें कुल 444 बोतलें थीं। इन बोतलों पर ‘सेल इन पंजाब’ लिखा था, जिससे संकेत मिलता है कि शराब पंजाब से लाई गई थी।

पुलिस की सतर्कता

उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नियमित नाकाबंदी के दौरान वाहनों की जांच शुरू की थी। एक जीप को संदिग्ध पाकर रोका गया। तलाशी में अवैध शराब तस्करी का खुलासा हुआ। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जीप चालक को हिरासत में लिया। आरोपी की पहचान अमन कुमार, निवासी गांव जिया, तहसील भुंतर, जिला कुल्लू, के रूप में हुई।

मामला दर्ज, जांच जारी

झंडूता पुलिस ने अमन कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह अवैध शराब तस्करी हिमाचल में बिक्री के इरादे से की जा रही थी। डीएसपी मदन धीमान ने बताया कि पुलिस इस तरह के अपराधों पर लगाम कसने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी।

अवैध कारोबार पर नजर

हिमाचल पुलिस लगातार अवैध शराब तस्करी जैसे अपराधों पर नजर रख रही है। इस तरह की कार्रवाइयां न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करती हैं, बल्कि समाज में अवैध गतिविधियों को रोकने में भी मदद करती हैं। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तस्करी के पीछे और कौन-कौन शामिल हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

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नशा तस्करी: नूरपुर में सिकंदर उर्फ निम्मा गिरफ्तार, पिता आंचल भी कुख्यात तस्कर

Himachal News: नशा तस्करी के खिलाफ नूरपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुख्यात तस्कर सिकंदर उर्फ निम्मा को धर दबोचा। नूरपुर के पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने बताया कि सिकंदर का पिता आंचल भी नशा तस्करी के कई मामलों में संलिप्त है। यह गिरफ्तारी युवाओं को नशे की लत से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

लंबे समय से थी तलाश

पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने बताया कि सिकंदर की गिरफ्तारी 4 अप्रैल 2025 को दर्ज एक मामले से जुड़ी है। उस दिन, एक्साइज बैरियर चौकी पर नाकाबंदी के दौरान एक मोटरसाइकिल से 74.83 ग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। जांच में पता चला कि सिकंदर और उसका पिता आंचल, निवासी इंदौरा, इस धंधे में सक्रिय थे। आंचल के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें 2019 में 6.36 ग्राम और 2021 में 377.08 ग्राम हेरोइन की बरामदगी शामिल है।

कोर्ट में जमानत याचिकाएं खारिज

सिकंदर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई कोशिशें कीं। उसने नूरपुर सत्र न्यायालय और शिमला उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की, लेकिन पुलिस के ठोस सबूतों के आधार पर दोनों याचिकाएं खारिज हो गईं। इसके बाद उसने सर्वोच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की, लेकिन जमानत की उम्मीद कम होने पर उसने याचिका वापस ले ली। अंततः पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पिता-पुत्र की जोड़ी

पुलिस के मुताबिक, आंचल और सिकंदर दोनों नशा तस्करी में गहरे तक शामिल हैं। आंचल नशीले पदार्थों का वितरण करता था, जबकि सिकंदर तस्करी का काम संभालता था। पुलिस ने बताया कि यह जोड़ी लंबे समय से नूरपुर और आसपास के इलाकों में नशे का कारोबार चला रही थी। उनकी गिरफ्तारी से इस नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

पुलिस की सख्ती

नूरपुर पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को मजबूती मिली है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह गिरफ्तारी न केवल एक अपराधी को सलाखों के पीछे लाने की कहानी है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी उम्मीद की किरण है, जो नशे की चपेट में हैं।

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माजरा अपहरण मामला: युवती के बयान ने बदली जांच की दिशा, पुलिस ने परिजनों को सौंपा गया

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के माजरा थाने में दर्ज माजरा अपहरण मामला ने नया मोड़ ले लिया है। सोमवार को अदालत में युवती के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने कहा कि वह अपनी मर्जी से अपने दोस्त के साथ गई थी। इस बयान ने मामले की दिशा बदल दी है। पुलिस ने युवती को उसके परिजनों के हवाले कर दिया है।

अदालत में युवती का बयान

16 जून 2025 को माजरा की एक 18 वर्षीय युवती ने सिरमौर जिला न्यायालय में अपने बयान दर्ज कराए। उसने बताया कि वह जिस युवक के साथ गई थी, वह उसका अच्छा दोस्त है। उसने स्पष्ट किया कि न तो कोई अपहरण हुआ और न ही कोई शादी। युवती ने कहा कि वह अपनी इच्छा से घर छोड़कर गई थी। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने पुष्टि की कि युवती के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

माजरा अपहरण मामला के बाद माजरा में भड़के तनाव की भी पुलिस जांच कर रही है। 4 जून को युवती के लापता होने के बाद परिजनों ने एक युवक पर अपहरण का आरोप लगाया था। इसके बाद क्षेत्र में भीड़ जमा हुई और पथराव की घटना हुई। पुलिस कर्मियों पर धारदार हथियार से हमले की भी शिकायतें मिलीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। एसपी नेगी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

परिजनों का आरोप और तनाव

युवती के परिजनों ने 4 जून 2025 को माजरा थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज की थी। उनका आरोप था कि एक विशेष समुदाय के युवक ने उनकी बेटी का अपहरण किया। इस शिकायत के बाद क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने माजरा थाने के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पथराव और हिंसा की घटनाएं हुईं। माजरा अपहरण मामला ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश पैदा किया था।

पुलिस का रुख

पुलिस ने माजरा अपहरण मामला में त्वरित कार्रवाई करते हुए युवती को अंबाला से बरामद किया था। अदालत में बयान के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। एसपी नेगी ने बताया कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच कर रही है। हिंसा और पथराव के दोषियों को चिह्नित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण जारी है। पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

सामुदायिक संवेदनशीलता

माजरा अपहरण मामला ने स्थानीय समुदाय में तनाव को जन्म दिया, लेकिन युवती के बयान ने स्थिति को स्पष्ट करने में मदद की। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस मामले में आगे की कार्रवाई युवती के बयान और हिंसा की जांच के आधार पर होगी।

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पुलिस भर्ती फर्जीवाड़ा: कांगड़ा में दो आरोपी गिरफ्तार, अभ्यर्थियों से ठगी का खुलासा

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पुलिस भर्ती फर्जीवाड़ा का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कांगड़ा जिले के पालमपुर में 15 जून को आयोजित पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान दो आरोपियों, विक्रम और बलविंदर उर्फ सोनू जरयाल, को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों जवाली, कांगड़ा के निवासी हैं और अभ्यर्थियों को ठगने की साजिश रच रहे थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग पैसे लेकर अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास करवाने का लालच दे रहे हैं।

त्वरित पुलिस कार्रवाई

सूचना मिलते ही कांगड़ा पुलिस की सुरक्षा शाखा और पालमपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पालमपुर के एक परीक्षा केंद्र के बाहर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये आरोपी कुछ युवाओं को मोहरा बनाकर अभ्यर्थियों से पैसे ऐंठने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने मौके पर मौजूद कुछ अभ्यर्थियों से पूछताछ की, जिन्होंने आरोपियों की साजिश की पुष्टि की।

कानूनी कार्रवाई और आरोप

पुलिस ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर पालमपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच के दौरान सात अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई है। कांगड़ा की पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि इस पुलिस भर्ती फर्जीवाड़ा में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि विक्रम और बलविंदर का आपराधिक इतिहास पुराना है। ये दोनों 2022 में हुए पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले और 2019 में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल के एक मामले में भी शामिल थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की तलाश में गहन जांच कर रही है।

अभ्यर्थियों में आक्रोश

इस घटना ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थी, जो मेहनत और लगन से परीक्षा की तैयारी करते हैं, इस तरह के फर्जीवाड़े से निराश हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि भर्ती प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

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नशा तस्करी: बिलासपुर पुलिस ने थापना टनल के पास 533.6 ग्राम चरस के साथ दबोचे दो कुख्यात तस्कर

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुहिम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन मार्ग पर थापना टनल नंबर-2 के पास नाकाबंदी के दौरान 533.6 ग्राम चरस बरामद की। इस कार्रवाई में दो कुख्यात नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह सफलता न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई

बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम ने थापना टनल के पास वाहनों की जांच के लिए नाका लगाया था। मंडी-भराड़ी की ओर से आ रही एक कार को संदिग्ध मानकर रोका गया। कार में दो युवक सवार थे। पुलिस ने जब तलाशी ली, तो चालक की बगल वाली सीट के नीचे छिपाई गई 533.6 ग्राम चरस बरामद हुई। यह खेप नशा तस्करों के नेटवर्क का हिस्सा थी, जो हिमाचल के युवाओं को नशे की लत में धकेलने की साजिश रच रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में लिया। उनकी पहचान निम्नलिखित है:

  • अतुल शर्मा, उम्र 26 वर्ष, निवासी धर्मपुर, जिला मंडी।
  • प्रीति चंद, उम्र 35 वर्ष, निवासी भरमेड़ा, डाकघर कुरटी, तहसील जोगिंद्रनगर, जिला मंडी।

पुलिस के अनुसार, ये दोनों मंडी जिले के जाने-माने नशा तस्कर हैं। उनके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई ने उनके नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है।

पुलिस की सख्ती और जांच

बिलासपुर के डीएसपी मदन धीमान ने इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वारघाट थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना स्वारघाट की पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चरस की यह खेप कहां से आई और इसका गंतव्य क्या था। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से नशा तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।

नशे के खिलाफ जंग

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। बिलासपुर पुलिस की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रही जंग में एक मील का पत्थर है। स्थानीय लोग पुलिस के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां न केवल तस्करों में खौफ पैदा करती हैं, बल्कि समाज को नशे की गिरफ्त से बचाने में भी मदद करती हैं। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें, ताकि नशे के इस जाल को और मजबूत होने से रोका जा सके।

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विनोद दुआ के खिलाफ हिमचाल प्रदेश में देशद्रोह का मामला दर्ज़ 
शिमला/दिल्ली /मुंबई : HW न्यूज़ नेटवर्क के कंसल्टिंग एडिटर विनोद दुआ के खिलाफ शिमला के कुमारसेन पुलिस स्टेशन में देशद्रोह का मामला दर्ज़ किया गया है. गौरतलब है यह FIR उस वक़्त दर्ज़ की गई
http://hindi.hwnews.in/news/national/himachal-pradesh-police-charges-vinod-dua-under-sedition/93248
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विनोद दुआ के खिलाफ हिमचाल प्रदेश में देशद्रोह का मामला दर्ज़  - HW News Hindi

HW न्यूज़ नेटवर्क के कंसल्टिंग एडिटर विनोद दुआ के खिलाफ शिमला के कुमारसेन पुलिस स्टेशन में देशद्रोह का मामला दर्ज़ किया गया है.

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