हिमाचल हाईकोर्ट: शिक्षा विभाग के कर्मचारी ट्रांसफर में पुरानी पोस्टिंग जोड़ना वैध
Himachal News: हिमाचल हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के ट्रांसफर में उनकी पिछली तैनाती की अवधि जोड़ने को कानूनी करार दिया। खंडपीठ ने 27 अक्टूबर 2023 के कार्यालय ज्ञापन को वैध ठहराया। यह फैसला अनुराग चड्डा बनाम हिमाचल प्रदेश मामले में एकल जज के निर्णय को निरस्त करते हुए आया। अदालत ने कहा कि यह नीति सरकार की 10 जुलाई 2013 की ट्रांसफर पॉलिसी और सांविधिक नियमों के अनुरूप है।
खंडपीठ का महत्वपूर्ण फैसला
न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि हिमाचल हाईकोर्ट का यह निर्णय शिक्षा विभाग के ट्रांसफर मामलों में अंतिम होगा। खंडपीठ ने एकल जज के फैसले को पलटते हुए कहा कि पुरानी पोस्टिंग की अवधि जोड़ना न केवल कानूनी है, बल्कि न्यायसंगत भी है। यह फैसला कर्मचारियों के ट्रांसफर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा।
याचिकाकर्ता की दलील
टीजीटी अध्यापक मोनिका कटणा ने अपने ट्रांसफर आदेश को चुनौती दी थी। उन्हें कांगड़ा से चंबा स्थानांतरित किया गया। मोनिका ने दावा किया कि उनकी पिछली सेवा अवधि को जोड़ना गलत है। उन्होंने अनुराग चड्डा मामले का हवाला दिया। हालांकि, हिमाचल हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। अधिक जानकारी के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की वेबसाइट देखें।
एकल जज का पुराना फैसला
न्यायाधीश रंजन शर्मा ने अनुराग चड्डा मामले में कहा था कि पुरानी पोस्टिंग की अवधि जोड़ना 2013 की ट्रांसफर नीति के खिलाफ है। उन्होंने ट्रांसफर आदेश को रद्द कर दिया था। लेकिन खंडपीठ ने इस फैसले को गलत ठहराया।
ट्रांसफर नीति पर प्रभाव
यह फैसला शिक्षा विभाग में ट्रांसफर प्रक्रिया को और स्पष्ट करेगा। हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकार की नीति को मजबूत करते हुए कर्मचारियों के लिए निष्पक्षता सुनिश्चित की है।
Author: Harikrishan Sharma, Himachal Pradesh