स्टेट अवॉर्डी शिक्षक के 19 वर्षीय बेटे की हार्ट अटैक से हुई मौत, पिता ने कविता में बयान किया दर्ज
Kangra News: हिमाचल प्रदेश में भी युवाओं की हार्ट अटैक से मौत हो रही है। हाल ही में क्रिकेट खेलते समय 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। अब ताजा मामले में 19 वर्षीय युवक को हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। मामला हिमाचल प्रदेश के पालमपुर का है।
जानकारी के मुताबिक यह मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के पालमपुर का है। पालमपुर की लाहला पंचायत के गांव पादरा के स्टेट अवार्डी शिक्षक डॉ. विजय कुमार पुरी के 19 वर्षीय बेटे पीयूष की सोमवार को मौत हो गई। उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई।
डॉ. विजय पुरी कांगड़ा का जाना-माना नाम हैं और उन्हें साल 2019 में स्टेट टीचर अवार्ड से सम्मानित किया गया था। डॉ. विजय पुरी ने अपने बेटे के जाने के गम को सोशल मीडिया पर एक कविता के जरिए बयां किया।
उन्होंने कविता में लिखा, आज हमारी कॉलोनी में सन्नाटा है। कुछ तो खास बात रही होगी बेटा तुम्हारे व्यक्तित्व में। तुम हर मिलने वाले से मस्ती भरे अंदाज में बात करते थे। तूने मुझे बीच भंवर में नाव में क्यों छोड़ दिया। पिता ने अपने बेटे की मौत का दर्द एक लंबी पोस्ट में बयां किया।
धर्मशाला के पत्रकार डॉ राजीव पथरिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि महज 19 साल की उम्र में पीयूष सबको छोड़कर क्यों चला गया। यह बच्चा सरकार के लिए भी कई सवाल छोड़ गया है। राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित और प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ विजय पुरी जी के 19 वर्षीय बेटे पीयूष की हृदय गति रुकने से अचानक मौत की खबर स्तब्ध करने वाली है। इतनी कम उम्र में अचानक दिल का दौरा पड़ना निश्चित रूप से चिंता का विषय है। चिकित्सा विज्ञान के विशेषज्ञों और सरकार को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेना होगा और समाज को कोई राह दिखानी होगी। क्योंकि पिछले कुछ समय से हृदय गति रुकने से सैकड़ों युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। भगवान डॉ विजय पुरी जी और उनके परिवार को इस बड़े सदमे को सहन करने की हिम्मत दे। ओम शांति।
कांगड़ा के साहित्यकार पंकज दर्शी ने भी निधन पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा कि हमारे प्रिय साहित्यकार भाई डॉ विजय पुरी जी के बेटे का अचानक निधन हो गया है, मैं कुछ कह या लिख नहीं पा रहा हूं, क्या करूं, दर्द ने मुझे भावविहीन कर दिया है।