चैल-चौक बाज़ार में दी गई बकरों की बलि, गोहर पुलिस ने दर्ज की FIR; CCTV में रिकॉर्ड हुई वारदात
Mandi News: मंडी जिले के गोहर उपमंडल के मुख्य बाजार चैल चौक में सार्वजनिक स्थान पर देवता स्थापना कार्यक्रम में सरेआम पशु बलि देने की शिकायत पर गोहर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। बता दें कि सुरेश कुमार अध्यक्ष राइट फाउंडेशन विलेज एवं डाकघर चैल चौक द्वारा ईमेल के माध्यम से यह शिकायत की गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीरवार सुबह चैल चौक में चौक पर देवता की स्थापना के दौरान सरेआम दो पशुओं (बकरों) की बलि दी गई।
सुरेश कुमार ने कहा कि इस मामले में गोहर पुलिस के सामने हाईकोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि चैल चौक बाजार में पशु क्रूरता अधिनियम की भी धज्जियां उड़ाई गई हैं। आरोप है कि इस मौके पर सैकड़ों लोग और स्थानीय स्कूल चैल चौक के तमाम बच्चे व अध्यापक भी मौजूद थे।
सवाल यह भी है कि आखिर किसके आदेश पर स्कूली बच्चों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उल्लेखनीय है कि पशु बलि क्रूरता की वारदात चैल चौक बाजार के चबूतरे पर लगे पुलिस के सरकारी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। हमने इस पूरी घटना को नाचन विधायक के फेसबुक पर लाइव देखा जिसमें बकरा भी दिखाई दे रहा है। कुछ अन्य लोगों ने भी इस पूरी घटना को लाइव के माध्यम से दिखाया है।
सुरेश कुमार का आरोप है कि जब पशु की बलि दी गई तो पुलिस भी वहां मौजूद थी और पशु की बलि के बाद पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री, डीजीपी पुलिस, एसपी मंडी और गोहर पुलिस से इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। जिस पर गोहर पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम (11) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
समाजसेवी लीलाधर चौहान ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की घटनाएं समाज में अंधविश्वास फैला रही हैं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि इस तरह की घटना को दिखाने के लिए मासूम बच्चों को भी पंक्तियों में खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि मंडी जिला के प्रशासन को इस घटना पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं सामने न आएं।
उन्होंने शिक्षा विभाग के जिला मंडी के उच्च शिक्षा उपनिदेशक से अनुरोध किया है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चल चौक के बच्चों को इस कार्यक्रम की अनुमति दिए जाने की जांच की जाए, ताकि भविष्य में मासूम बच्चों को ऐसे कार्यक्रमों में पाखंड से बचाया जा सके।
अधिवक्ता एवं समाजसेवी हेम सिंह ठाकुर ने इस घटना के संदर्भ में कहा कि यह समझ से परे है कि हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है। हम बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूल भेजते हैं, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण की समझ हो। उन्हें धार्मिक पाखंड करवाने के लिए अनपढ़ रखा जाता है। चैल चौक स्कूल के बच्चों को उनकी कक्षाओं से निकालकर बाजार में खड़ा कर दिया गया कि वे देखें कि बकरे का वध कैसे किया जाता है। जहां महापुरुष की प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए थी, वहां आस्था के नाम पर अंधविश्वास स्थापित कर दिया गया।
हैरानी की बात यह है कि यह पूरा अनुष्ठान प्रशासन की आंखों के सामने हुआ। एसपी साक्षी वर्मा ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।