जब तवक्को ही उठ गयी ग़ालिब
क्यों किसी का गिला करे कोई

Jab Tavaqqo Hi Uth Gayee Ghalib
Kyun Kisi Ka Gila Kare Koyee

جب توقع ہی اُٹھ گیئ غالب
کیوں کیسی کا گلہ کرے کوی

Tavaqqo, तवक्को, توقع: उम्मीद, Expectations
Gila, गिला, گلہ: शिकायत, Complaint

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@musafir
बात पर वाँ ज़बान कटती है,
वो कहें, और सुना करे कोई।

शरअ-ओ-आईन पर मदार सही,
ऐसे क़ातिल का क्या करे कोई ।

न सुनो गर बुरा कहे कोई,
न कहो गर बुरा करे कोई।

रोक लो, गर ग़लत चले कोई,
बख़्श दो गर ख़ता करे कोई।

क्या किया ख़िज्र ने सिकंदर ने,
अब किसे रहनुमा करे कोई ।

कौन है जो नहीं है हाजतमंद,
किसकी हाजत रवा करे कोई ।

बक रहा हूँ जुनूँ में क्या-क्या कुछ,
कुछ न समझे ख़ुदा करे कोई।