हाइड्रो पावर: हिमाचल में अटकी परियोजनाओं को भेजे जाएंगे रद्द करने के नोटिस, सीएम सुक्खू ने दिए आदेश
Himachal News: हिमाचल के CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हाइड्रो पावर परियोजनाओं में देरी पर सख्त रुख अपनाया। ऊर्जा विभाग की बैठक में उन्होंने गैर-गंभीर डेवलपर्स को परियोजना रद्द करने के नोटिस जारी करने के आदेश दिए। देरी से राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। सुन्नी, लुहरी स्टेज-1 और धौलासिद्ध परियोजनाएं SJVNL से वापस ली जाएंगी। CM ने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा सर्वोपरि है।
किशाऊ और रेणुका बांध पर सख्ती
CM ने कहा कि किशाऊ और रेणुका बांध परियोजनाएं तब तक शुरू नहीं होंगी, जब तक पड़ोसी राज्य भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के 4,200 करोड़ के बकाया का निपटारा नहीं करते। हाइड्रो पावर परियोजनाओं से हिमाचल की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। सुक्खू ने पड़ोसी राज्यों से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने की मांग की। इससे राज्य के लोगों के हित सुरक्षित होंगे। हिमाचल सरकार इस पर दृढ़ है।
सौर ऊर्जा परियोजनाओं में तेजी
CM ने हाइड्रो पावर के साथ सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी ध्यान दिया। HPSEBL को अगस्त 2025 तक काजा सौर परियोजना शुरू करने के निर्देश दिए गए। चंबा की पांगी घाटी में धनवास में एक मेगावाट सौर परियोजना दिसंबर तक पूरी होगी। इससे बर्फबारी के दौरान 19 पंचायतों को बिजली मिलेगी। ‘ग्रीन पंचायत योजना’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बिजली बोर्ड की नई योजना
बैठक में फैसला लिया गया कि HPSEBL 66 केवी के पांच सब स्टेशन बनाएगा। HPPTCL 132 केवी और 220 केवी के दस सब स्टेशन स्थापित करेगा। हाइड्रो पावर और सौर ऊर्जा से राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी। शोंग टोंग परियोजना को नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इससे 1,000 करोड़ का वार्षिक राजस्व मिलेगा। CM ने पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर दिया।
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