एचआरटीसी कर्मचारी: वेतन देरी पर हड़ताल की दी चेतावनी, कहा, 8 घंटे से ज्यादा नहीं करेंगे काम

Himachal News: हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के कर्मचारियों ने वेतन देरी और मांगों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। एचआरटीसी कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हड़ताल की चेतावनी दी है। कर्मचारियों का कहना है कि अन्य विभागों को पहली तारीख को वेतन मिल जाता है, लेकिन उन्हें 10 तारीख तक इंतजार करना पड़ता है। यह देरी उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रही है, जिससे गुस्सा बढ़ रहा है।

आठ घंटे काम का ऐलान

एचआरटीसी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, चालक और परिचालक आठ घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। कई महीनों का नाइट ओवरटाइम भुगतान भी लंबित है। कर्मचारियों ने बार-बार मांग उठाई, लेकिन प्रबंधन ने कोई कदम नहीं उठाया। यह फैसला कर्मचारियों की हताशा को दर्शाता है।

प्रबंधन के साथ अहम बैठक

शुक्रवार को निगम मुख्यालय में प्रबंध निदेशक डा. निपुण जिंदल की अध्यक्षता में यूनियन के साथ बैठक होगी। इसमें 15 सूत्रीय मांगों पर चर्चा होगी। पहले यह बैठक गुरुवार को होनी थी, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया। यूनियन के पदाधिकारी शिमला पहुंच चुके थे। कर्मचारियों ने साफ कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो वे केवल आठ घंटे काम करेंगे। यह बैठक मांगों के समाधान के लिए निर्णायक है।

कर्मचारियों की नाराजगी

एचआरटीसी कर्मचारियों ने कहा कि हर महीने वेतन देरी से मिलता है। अन्य विभागों और निगमों में समय पर वेतन मिल जाता है। यह देरी उनके परिवारों के लिए मुश्किलें खड़ी करती है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन का रवैया ठीक नहीं है। अगर यही स्थिति रही, तो वे बसें खड़ी कर देंगे। नाइट ओवरटाइम का भुगतान भी लंबे समय से अटका है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ी है।

यात्रियों पर पड़ सकता है असर

मान सिंह ठाकुर ने कहा कि आठ घंटे काम का फैसला यात्रियों के लिए असुविधा पैदा कर सकता है। लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा। लंबित ओवरटाइम और वेतन देरी ने उन्हें मजबूर किया है। यूनियन ने प्रबंधन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। एचआरटीसी कर्मचारियों की यह चेतावनी हिमाचल में परिवहन सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।

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