हिमाचल आपदा: आज सराज पहुंच रहे मुकेश अग्निहोत्री और विक्रमादित्य सिंह, कंगना रनौत पर उठे सवाल
Himachal News: मंडी जिले में हिमाचल आपदा ने भारी नुकसान पहुंचाया। सराज घाटी में बादल फटने से 16 लोग मारे गए, 55 लापता हैं। सड़कें बंद होने से राहत कार्य प्रभावित हैं। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने सरकार की धीमी प्रतिक्रिया की आलोचना की। सीएम सुक्खू ने स्याठी गांव का दौरा किया, लेकिन सराज में कोई मंत्री नहीं पहुंचा। डिप्टी सीएम और मंत्री आज सराज का दौरा करेंगे। लोग राहत का इंतजार कर रहे हैं।
सराज में राहत कार्यों की चुनौती
हिमाचल आपदा ने सराज घाटी को पूरी तरह काट दिया। सड़कें और पुल बह गए, जिससे राहत सामग्री पहुंचाना मुश्किल है। भारतीय सेना और NDRF टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। ड्रोन से लापता लोगों की तलाश हो रही है। जयराम ठाकुर ने हवाई मार्ग से राशन पहुंचाने की मांग की। 150 से अधिक घर, 104 गोशालाएं और 14 पुल क्षतिग्रस्त हुए। स्थानीय लोग दहशत में हैं। प्रशासन राहत कार्य तेज कर रहा है।
नेताओं का दौरा और राजनीतिक बयानबाजी
सीएम सुक्खू ने धर्मपुर के स्याठी गांव का दौरा किया, जहां 26 घर टूटे। उन्होंने प्रभावितों को 5,000 रुपये मासिक किराए की घोषणा की। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और मंत्री विक्रमादित्य सिंह आज सराज पहुंच रहे हैं। जयराम ठाकुर पैदल प्रभावित क्षेत्रों में गए। उन्होंने सरकार की देरी पर सवाल उठाए। ठाकुर ने कहा कि सराज में दो दशकों की प्रगति बर्बाद हो गई। इससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
कंगना रनौत पर उठे सवाल
मंडी सांसद कंगना रनौत की अनुपस्थिति पर विवाद छिड़ा। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ने उन्हें सड़कें बहाल होने तक इंतजार करने की सलाह दी। कंगना अब मंडी पहुंच रही हैं। कांग्रेस ने उनकी अनुपस्थिति पर निशाना साधा। ठाकुर ने कहा, “हम स्थानीय लोगों के लिए जीते-मरते हैं।” मंडी में कांग्रेस की केवल धर्मपुर सीट है। प्रभावित लोग सांसदों और नेताओं से तुरंत सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।
नुकसान का आकलन
हिमाचल आपदा से मंडी में 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 261 सड़कें बंद हैं, 797 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। सराज और करसोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ब्यास नदी में बाढ़ से पंडोह बांध को नुकसान हुआ। 162 मवेशी मरे, 370 लोग बचाए गए। सीएम ने केंद्र से मदद मांगी। अमित शाह ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। प्रभावित परिवारों को पुनर्वास की जरूरत है।
सरकार की राहत योजनाएं
सीएम सुक्खू ने प्रभावित परिवारों को किराए के लिए 5,000 रुपये मासिक देने की घोषणा की। जिनके घर टूटे, उन्हें सरकारी जमीन आवंटित की जाएगी। पशुहानि के लिए मुआवजा बढ़ाया गया। डिप्टी सीएम अग्निहोत्री ने जल शक्ति विभाग की 1,591 योजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल किया। केंद्र से एक दल नुकसान का आकलन करेगा। स्थानीय लोग राहत सामग्री और पुनर्वास की प्रतीक्षा में हैं। प्रशासन तेजी से काम कर रहा है।
मौसम की चेतावनी
मौसम विभाग ने मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया। अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी है। मंडी में 456% अधिक बारिश दर्ज की गई। ब्यास और सुकेती नदियां उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने को कहा। राहत कार्यों में बारिश बाधा बन सकती है। ड्रोन और सेना की मदद से बचाव कार्य जारी है। लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का दर्द
सराज घाटी के लोग दुखी हैं। शरण गांव पूरी तरह तबाह हो गया। सेब के बाग और खेत बर्बाद हुए। ठाकुर ने कहा कि उनकी आंखों में लोगों के आंसू देखकर दिल दुखा। प्रभावित परिवार रिश्तेदारों के पास रह रहे हैं। बिजली, पानी और संचार सेवाएं ठप हैं। लोग सरकार से तुरंत मदद की गुहार लगा रहे हैं। राहत कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है।
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