हिमाचल आपदा: मंडी के जंजैहली में 466 घर और 92 दुकानें क्षतिग्रस्त, 18 लोगों की मौत; 53 लापता
Himachal News: हिमाचल आपदा ने मंडी जिले के जंजैहली को भारी नुकसान पहुंचाया। जिला प्रशासन ने आठ दिन बाद क्षेत्र में पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू किया। 466 घर और 92 दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं। 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 53 लापता हैं। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने राहत कार्यों को प्राथमिकता दी। सड़क बहाली और पेयजल योजनाओं को ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है। यह आपदा स्थानीय लोगों के लिए बड़ा झटका है।
जंजैहली में राहत कार्य
आपदा के बाद जंजैहली में राहत कार्य जोरों पर हैं। उपायुक्त अपूर्व देवगन और एसपी साक्षी वर्मा ने छह पटवार सर्कलों का दौरा किया। प्रशासन ने प्रभावितों को तत्काल सहायता पहुंचाई। हेलीकॉप्टर से 249 तिरपाल, 170 कंबल और 130 खाद्य पेटियां भेजी गईं। भारतीय वायुसेना और होमगार्ड ने राशन और दवाएं पहुंचाईं। लोग अपने नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। यह प्रयास उनकी उम्मीदों को बल दे रहा है।
सड़क और पेयजल बहाली
जंजैहली-करसोग मार्ग बहाल होने के बाद अब थुनाग-जंजैहली मार्ग पर काम चल रहा है। सड़क पर बैली ब्रिज लगाए जा रहे हैं। 50 प्रतिशत पेयजल योजनाएं ठीक हो चुकी हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की। यह काम लोगों के लिए राहत लेकर आया है। सड़कों के बंद होने से कई गांव कटे हुए थे। अब बहाली से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। यह प्रयास आपदा से निपटने में अहम है।
निर्माण कार्यों पर रोक
मंडी जिले में हिमाचल आपदा के बाद सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों पर 31 अगस्त तक रोक लगा दी गई है। उपायुक्त ने एनएचएआइ और अन्य एजेंसियों को निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने एनएचएआइ की लापरवाही को नुकसान का कारण बताया। सड़क निर्माण में अनदेखी से आपदा का प्रभाव बढ़ा। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। यह कदम भविष्य में नुकसान को कम करने के लिए उठाया गया है।
लापता लोगों की खोज
हिमाचल आपदा में मंडी जिले में 53 लोग अब भी लापता हैं। सोमवार को किसी का पता नहीं चला। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन खोज में जुटे हैं। आपदा ने 18 लोगों की जान ली। प्रभावित परिवारों का दुख असहनीय है। खोज टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। लोग अपनों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। यह स्थिति प्रशासन और समुदाय के लिए चुनौतीपूर्ण है।
नेताओं का दौरा
सोमवार को सांसद कंगना रनौत और प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल स्यांज पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जंजैहली का दौरा किया। उन्होंने प्रभावितों से मुलाकात की। नेताओं ने राहत कार्यों की समीक्षा की। स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। यह दौरा प्रभावितों के लिए सांत्वना का स्रोत बना। नेताओं ने प्रशासन से तेज राहत कार्यों की मांग की। यह कदम लोगों में विश्वास जगाता है।
राहत सामग्री का वितरण
जंजैहली में हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाई गई। 25 होमगार्ड जवानों ने राहकोट, भदरेच और मैलेंडा में राशन किट और दवाएं बांटीं। आइटीबीपी ने पखैर में 20 किट पहुंचाईं। एक हेलीकॉप्टर चंडीगढ़ गया, लेकिन दूसरी उड़ान ने सामग्री पहुंचाई। लोग इस मदद से अपने जीवन को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। यह राहत उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है।
मौसम की चेतावनी
मौसम विभाग ने मंगलवार को ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी दी। 9 और 10 जुलाई को भी भारी वर्षा का अनुमान है। सोमवार को धूप खिली, लेकिन बादल छा गए। बीते 24 घंटों में बरठीं में 44.6 मिमी बारिश दर्ज हुई। 235 सड़कें अब भी बंद हैं। यह चेतावनी प्रशासन को सतर्क रहने का संदेश देती है।
नुकसान का आकलन
मंडी जिले में 466 घर और 92 दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं। जंजैहली में 100 घर प्रभावित हुए। 364 पशुशालाएं भी नष्ट हुईं। राजस्व विभाग के पटवारी और पंचायत सचिव गांवों में फौरी राहत दे रहे हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। यह आकलन प्रभावितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण है। लोग अपने नुकसान से उबरने की कोशिश में हैं।