विदेश यात्रा: भगवंत मान का पीएम मोदी पर तंज, विदेश मंत्रालय ने जताई आपत्ति
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर तंज कसते हुए कहा कि वे छोटे देशों में सम्मान लेने जाते हैं। चंडीगढ़ में मान ने मजाक में “मैग्नीशिया, गलवेशिया” जैसे नाम गढ़े। उन्होंने कहा कि भारत जैसे 140 करोड़ की आबादी वाले देश को छोड़कर पीएम 10,000 की आबादी वाले देशों में व्यस्त हैं। यह बयान लोगों में चर्चा का विषय बन गया है।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने मान के बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” और “खेदजनक” बताया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां मित्र देशों से भारत के रिश्तों को कमजोर करती हैं। मंत्रालय ने खुद को इन बयानों से अलग किया। मान ने पीएम की पांच देशों की यात्रा पर सवाल उठाए, जिसमें घाना, ब्राजील और नामीबिया शामिल थे। यह विवाद राजनयिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है।
पीएम की यात्रा और सम्मान
मोदी ने 2 से 9 जुलाई तक घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा की। इन देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए। ब्राजील ने “ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर” और नामीबिया ने “ऑर्डर ऑफ वेलवित्शिया मिराबिलिस” से सम्मानित किया। मान ने इन सम्मानों को छोटे देशों से जोड़कर तंज कसा। यह टिप्पणी लोगों में बहस का कारण बनी।
पंजाब के मुद्दों पर जोर
मान ने कहा कि पीएम को भारत की 140 करोड़ जनता के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मजाक में कहा कि भारत में 10,000 लोग जेसीबी देखने इकट्ठा हो जाते हैं। मान ने यह भी तंज कसा कि मोदी 11 साल में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर पाए, जबकि वे खुद रोज तीन करते हैं। यह बयान पंजाब के लोगों में गूंज रहा है।
सिंधु जल संधि का जिक्र
मान ने SYL नहर और सिंधु जल संधि पर भी बात की। उन्होंने केंद्र से अपील की कि संधि को फिर से बहाल न किया जाए। मान ने कहा कि चिनाब, रावी और उझ नदियों का 23 MAF पानी पंजाब लाया जा सकता है। यह पानी पंजाब की जरूरतें पूरी कर सकता है। यह बयान किसानों और स्थानीय लोगों के लिए अहम है।