शराब की लत: चित्तूर में बेटे ने मां को बचाने के लिए की शराबी पिता की हत्या, जानें क्या है पूरा मामला

Andhra Pradesh News: शराब की लत ने आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में एक परिवार को त्रासदी की आग में झोंक दिया। संथापेटा लेनिन नगर कॉलोनी में 50 वर्षीय वेंकट रेड्डी की उनके छोटे बेटे सोमशेखर रेड्डी ने हत्या कर दी। वेंकट, जो पेशे से ड्राइवर थे, शराब के नशे में अपनी पत्नी सरस्वती को लगातार प्रताड़ित करते थे। इस दुखद घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि समाज में शराब की लत के भयावह परिणामों को भी उजागर किया।

शराब ने बिगाड़ा परिवार का सुकून

वेंकट रेड्डी की शराब की लत ने उनके परिवार को लंबे समय से परेशान कर रखा था। पुलिस के अनुसार, वह नशे में अपनी पत्नी सरस्वती पर शक करते, गाली-गलौज करते और मारपीट करते थे।

  • एक बार नशे में उन्होंने सरस्वती पर पत्थर से हमला किया था।
  • उनके दो बेटों, मोहन और सोमशेखर, ने कई बार पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज की।
  • पुलिस ने वेंकट की काउंसलिंग की, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं आया।

यह रोज़मर्रा की प्रताड़ना सरस्वती और उनके बेटों के लिए असहनीय हो गई थी।

हत्या की रात: बेटे का गुस्सा फूटा

12 जून 2025 की रात को वेंकट रेड्डी नशे में धुत होकर घर लौटे। उन्होंने चाकू उठाया और सरस्वती को धमकाने लगे। यह देख छोटे बेटे सोमशेखर का गुस्सा फूट पड़ा।

  • सोमशेखर ने पिता के हाथ से चाकू छीना।
  • गुस्से में उसने उसी चाकू से वेंकट पर वार कर दिया।
  • अत्यधिक खून बहने से वेंकट की मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना ने परिवार और पड़ोसियों को स्तब्ध कर दिया। सोमशेखर की मां सरस्वती ने कहा, “मैं अपने पति को खोने का दुख झेल रही हूं, लेकिन मेरा बेटा मुझे बचाने की कोशिश कर रहा था।”

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

घटना के बाद सोमशेखर ने खुद पुलिस स्टेशन पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। उसने पुलिस को बताया कि उसने अपनी मां को बचाने के लिए यह कदम उठाया।

  • पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
  • वेंकट के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए चित्तूर सरकारी अस्पताल भेजा गया।
  • सोमशेखर को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया।

चित्तूर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिक जानकारी के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस की वेबसाइट देखें।

शराब की लत का सामाजिक प्रभाव

शराब की लत न केवल एक व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है। चित्तूर में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जहां शराब ने परिवारों को तोड़ दिया।

  • 2021 में कडपा जिले में एक व्यक्ति ने शराब के लिए पैसे न देने पर पत्नी और बेटी की हत्या की थी।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि शराब की लत से निपटने के लिए जागरूकता और पुनर्वास केंद्रों की जरूरत है।
  • स्थानीय लोग इस घटना से दुखी हैं और चाहते हैं कि सरकार नशे की समस्या पर ध्यान दे।

वेंकट रेड्डी की मृत्यु एक परिवार की त्रासदी है, लेकिन यह समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि शराब की लत को रोकने के लिए और क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

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