हिमाचल प्रदेश: दो अक्टूबर को होगी विशेष ग्राम सभा, बीपीएल सूची में होंगे बड़े बदलाव
#News #RightNewsIndia #BPLlist #gramsabha

https://rightnewsindia.com/himachal-pradesh-special-gram-sabha-to-be-held-on-october-2-major-changes-to-bpl-list/

हिमाचल प्रदेश: दो अक्टूबर को होगी विशेष ग्राम सभा, बीपीएल सूची में होंगे बड़े बदलाव

Shimla News: हिमाचल प्रदेश की सभी पंचायतों में दो अक्टूबर को विशेष ग्राम सभा की बैठक होगी। भारी बरसात के कारण टल चुकी इन बैठकों में बीपीएल परिवारों की समीक्षा प्रमुख एजेंडा होगी। ग्राम सभा बीपीएल की अंतिम सूची को...

Right News India

हिमाचल प्रदेश: मानसून की मार के बाद अब शुरू होगा बीपीएल सर्वे, ग्राम सभाओं को नए निर्देश जारी
#News #BPLlist #HimachalPradeshnews

https://rightnewsindia.com/himachal-pradesh-bpl-survey-to-begin-after-monsoon-impact-new-instructions/

हिमाचल प्रदेश: मानसून की मार के बाद अब शुरू होगा बीपीएल सर्वे, ग्राम सभाओं को नए निर्देश जारी

Shimla News: हिमाचल प्रदेश में भारी मानसून और प्राकृतिक आपदा के कारण ग्राम सभा की बैठकें नहीं हो पाई थीं। इससे बीपीएल सर्वेक्षण का कार्य प्रभावित हुआ था। अब पंचायती राज विभाग ने सभी पंचायतों को ग्राम सभा बैठकें आयोजित...

Right News India

बीपीएल सूची: हिमाचल के पपलाह में नई गाइडलाइन पर ग्रामीणों ने जताया विरोध, जानें क्यों

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की पपलाह पंचायत में बीपीएल सूची की नई चयन प्रक्रिया का ग्रामीणों ने विरोध किया। उन्होंने भोरंज के एसडीएम शशिपाल शर्मा को ज्ञापन सौंपकर नई गाइडलाइन को अव्यवहारिक बताया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे सैकड़ों जरूरतमंद परिवार सूची से बाहर हो गए। उन्होंने सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर गाइडलाइन की समीक्षा की मांग की। यह मुद्दा ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

नई गाइडलाइन पर सवाल

ग्रामीणों ने कहा कि नई गाइडलाइन के तहत 50% से कम विकलांगता वाले और दिहाड़ी मजदूरी करने वालों को बीपीएल सूची से हटा दिया गया। पहले विकलांग, विधवा और बुजुर्ग स्वतः सूची में शामिल होते थे। अब इनकी दयनीय आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्हें लाभ नहीं मिलेगा। ग्रामीणों ने इसे अन्यायपूर्ण बताया। उनका कहना है कि यह नीति जरूरतमंदों को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित करेगी।

दो कमरों वाले माने गए संपन्न

ज्ञापन में उल्लेख है कि जिनके पास दो पक्के कमरे हैं, उन्हें संपन्न मान लिया गया। ये कमरे या तो पूर्वजों ने बनाए या सरकारी अनुदान से बने। ग्रामीणों ने बताया कि कई परिवार कर्ज में डूबे हैं। वे बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की दवाओं के लिए जूझ रहे हैं। बीमार और वृद्ध लोग आवेदन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए, जिससे वे बीपीएल सूची से बाहर हो गए।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर खतरा

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि नई गाइडलाइन से स्वरोजगार योजनाओं जैसे मुर्गी पालन, बकरी पालन और डेयरी का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। उन्होंने सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। ग्रामीणों ने मांग की कि गाइडलाइन की समीक्षा हो, ताकि पात्र परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जा सके। यह कदम उनके भविष्य के लिए जरूरी है।

प्रशासन का जवाब

एसडीएम शशिपाल शर्मा ने कहा कि पपलाह पंचायत के ग्रामीणों और दिव्यांगजनों की शिकायतें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी। ज्ञापन सौंपने वालों में पंचायत प्रधान अंकुश सैणी, उपप्रधान अनूप शर्मा, जमना देवी, रीना देवी, सरोज कुमारी और कई अन्य ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होगा। बीपीएल सूची की यह प्रक्रिया हिमाचल के कई हिस्सों में विवाद का विषय बनी हुई है।

#bplList #himachalNews