#peta
#aspca
#newyorkhumanesociety
#newyorkstatespca
#AdoptDontShop
#pets
#bronx
#fordhamroad
#fordhamnorth
#fordhamuniversity
#nyc
#newyork
#newyorkstate
#veganism
#cats
#caturday
#CatsOfMastodon
#catsoffediverse
#mercy
#petsofmastodon
#petsoffedi
#animalcruelty
#animalrights
#animalsacrifice
#davidmosley
#hiphop
#bodegacats
#animalpetitions
#petitions
Bronx, New York - A 26-year-old Bronx man, who has been referred to as a "wannabe rapper," is accused of a horrific act of animal cruelty against an innocent cat who was tortured to death for YouTube views. Investigators say David Mosley, aka “Church of Ububal,” beat a cat to death and recorded the despicable act to promote his rap album.
https://bronx.news12.com/animal-advocates-rally-against-accused-cat-killer-outside-court
#peta
#aspca
#newyorkhumanesociety
#newyorkstatespca
#AdoptDontShop
#pets
#bronx
#fordhamroad
#nyc
#newyork
#newyorkstate
#veganism
#cats
#caturday
#CatsOfMastodon
#catsoffediverse
#petsofmastodon
#petsoffedi
#animalcruelty
#animalrights
#animalsacrifice
#davidmosley
#hiphop
#bodegacats
I am not sure whether someone who has not raised and slaughtered an animal that they will depend on for food can understand the fond, respectful distance I hold for everything but the dearest pets.
https://wildhunt.org/2025/07/butcher.html
#agriculture #animaldeath #blot #animalsacrifice #rabbits #farmlife #heathen
ईद-उल-अजहा 2025: बांग्लादेश में 91 लाख से अधिक पशुओं की कुर्बानी, गायों की संख्या सबसे ज्यादा
Bangladesh News: बांग्लादेश में 6-7 जून 2025 को ईद-उल-अजहा 2025 के मौके पर 91 लाख से ज्यादा पशुओं की कुर्बानी दी गई। मत्स्य पालन और पशुधन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस साल गायों और भैंसों की संख्या बकरियों से अधिक रही। यह त्योहार पैगंबर इब्राहिम की भक्ति को याद करता है। लाखों परिवारों ने इस अवसर पर एकजुटता और उदारता दिखाई।
बांग्लादेश में कुर्बानी के आंकड़े
मंत्रालय के अनुसार, ईद-उल-अजहा 2025 में 47.5 लाख गाय और भैंसें कुर्बान हुईं। वहीं, 44.3 लाख बकरियां और भेड़ें थीं। अन्य पशु भी शामिल थे। करीब 33.1 लाख पशु नहीं बिके। इनका उपयोग अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में हो सकता है। कुर्बानी के बाद मांस को तीन हिस्सों में बांटा गया। एक हिस्सा परिवार, दूसरा रिश्तेदारों और तीसरा गरीबों के लिए था।
क्षेत्रवार कुर्बानी का विवरण
बांग्लादेश के विभिन्न क्षेत्रों में कुर्बानी की संख्या अलग-अलग रही। नीचे प्रमुख डिवीजनों के आंकड़े हैं:
राजशाही में सबसे ज्यादा और सिलहट में सबसे कम कुर्बानी हुई।
ईद-उल-अजहा का महत्व
ईद-उल-अजहा 2025 पैगंबर इब्राहिम के बलिदान को याद करता है। उन्होंने अल्लाह के आदेश पर अपने बेटे की कुर्बानी देने की इच्छा दिखाई। अल्लाह ने उनकी भक्ति स्वीकार की और बेटे की जगह मेमने की कुर्बानी दी। बांग्लादेश में लोग सुबह ईद की नमाज अदा करते हैं। फिर तीन दिन तक कुर्बानी होती है। मांस बांटकर गरीबों की मदद की जाती है।
सामाजिक और सांस्कृतिक पहलू
बांग्लादेश में ईद-उल-अजहा 2025 ने समुदायों को जोड़ा। लोग नए कपड़े पहनकर नमाज पढ़ने गए। बाजारों में पशुओं की खरीदारी से उत्साह रहा। परिवारों ने मांस से स्वादिष्ट पकवान बनाए। यह त्योहार विश्वास और उदारता का प्रतीक है। बांग्लादेश की सड़कों पर भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
पशु बलि मामला: चंजोड़ी महामाई मंदिर में दी गई बकरे की बलि , पुलिस ने शुरू की जांच
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग उपमंडल में चंजोड़ी महामाई मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान बकरे की बलि देने का मामला सामने आया है। एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसमें मंदिर कमेटी और आठ लोगों पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। यह घटना हाईकोर्ट के 2014 के पशु बलि प्रतिबंध आदेश के खिलाफ है।
शिकायत में क्या कहा गया
मेहर सिंह कोखलिया ने पुलिस को बताया कि 30 मई की रात मंदिर के कुंड में बकरे की बलि दी गई। यह आयोजन मंदिर के जीर्णोद्वार और प्राण प्रतिष्ठा के लिए था। शिकायत में मंदिर कमेटी और आठ व्यक्तियों पर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप है। शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने शुरू की जांच
रविवार को पुलिस टीम ने चंजोड़ी महामाई मंदिर पहुंचकर छानबीन की। डीएसपी गौरवजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच चल रही है। पुलिस ने मंदिर कमेटी के सदस्यों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। मामला गंभीर होने के कारण निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया।
मंदिर कमेटी का जवाब
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पृथी सिंह नेगी ने आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि मंदिर में कोई पशु बलि नहीं हुई। केवल नारियल काटा गया और नियमों का पालन किया गया। कमेटी ने दावा किया कि शिकायत में लगाए गए आरोप निराधार हैं। पुलिस इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है।
हाईकोर्ट का 2014 का आदेश
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 2014 में धार्मिक स्थलों पर पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। कोर्ट ने इसे क्रूर और अमानवीय बताया था। इस आदेश के तहत मंदिरों में किसी भी प्रकार की पशु बलि गैरकानूनी है। चंजोड़ी मामला इस आदेश के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।
आयोजन का विवरण
चंजोड़ी महामाई मंदिर, करसोग से 25 किमी दूर, हाल ही में जीर्णोद्वार के बाद प्राण प्रतिष्ठा के लिए चर्चा में था। 30 और 31 मई को आयोजन हुआ, जिसमें धाम का कार्यक्रम भी शामिल था। इस दौरान कथित तौर पर बकरे की बलि दी गई, जिसने विवाद को जन्म दिया। स्थानीय लोग इस मामले पर बंटे हुए हैं।
सामाजिक और कानूनी प्रभाव
यह मामला हिमाचल में धार्मिक प्रथाओं और कानूनी नियमों के बीच टकराव को दर्शाता है। कुछ लोग परंपराओं का समर्थन करते हैं, जबकि अन्य पशु बलि को क्रूर मानते हैं। यह घटना स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का वादा किया है।
जांच में पारदर्शिता की मांग
डीएसपी गौरवजीत सिंह ने कहा कि सभी आरोपों की गहन जांच होगी। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। यह मामला हिमाचल में पशु बलि के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
Author: Harikrishan Sharma
📰 Today's top stories, curated for you by Zorz Studios: http://zorz.it/newspaper
#NASA shows off its best #photos from the past year;
- 2025 #SocialMedia #MarketingIndustry report;
- Anne Barge #Spring2026 #WeddingDresses;
- Khadejha McCall’s #FashionLegacy is in Limbo;
- Smoke gets in your eyes: #AnimalSacrifice and the #GreekGods, and more