पशु बलि मामला: चंजोड़ी महामाई मंदिर में दी गई बकरे की बलि , पुलिस ने शुरू की जांच

Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग उपमंडल में चंजोड़ी महामाई मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान बकरे की बलि देने का मामला सामने आया है। एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसमें मंदिर कमेटी और आठ लोगों पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया। यह घटना हाईकोर्ट के 2014 के पशु बलि प्रतिबंध आदेश के खिलाफ है।

शिकायत में क्या कहा गया

मेहर सिंह कोखलिया ने पुलिस को बताया कि 30 मई की रात मंदिर के कुंड में बकरे की बलि दी गई। यह आयोजन मंदिर के जीर्णोद्वार और प्राण प्रतिष्ठा के लिए था। शिकायत में मंदिर कमेटी और आठ व्यक्तियों पर हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप है। शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने शुरू की जांच

रविवार को पुलिस टीम ने चंजोड़ी महामाई मंदिर पहुंचकर छानबीन की। डीएसपी गौरवजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच चल रही है। पुलिस ने मंदिर कमेटी के सदस्यों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच की जा रही है। मामला गंभीर होने के कारण निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया।

मंदिर कमेटी का जवाब

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पृथी सिंह नेगी ने आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि मंदिर में कोई पशु बलि नहीं हुई। केवल नारियल काटा गया और नियमों का पालन किया गया। कमेटी ने दावा किया कि शिकायत में लगाए गए आरोप निराधार हैं। पुलिस इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है।

हाईकोर्ट का 2014 का आदेश

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 2014 में धार्मिक स्थलों पर पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। कोर्ट ने इसे क्रूर और अमानवीय बताया था। इस आदेश के तहत मंदिरों में किसी भी प्रकार की पशु बलि गैरकानूनी है। चंजोड़ी मामला इस आदेश के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।

आयोजन का विवरण

चंजोड़ी महामाई मंदिर, करसोग से 25 किमी दूर, हाल ही में जीर्णोद्वार के बाद प्राण प्रतिष्ठा के लिए चर्चा में था। 30 और 31 मई को आयोजन हुआ, जिसमें धाम का कार्यक्रम भी शामिल था। इस दौरान कथित तौर पर बकरे की बलि दी गई, जिसने विवाद को जन्म दिया। स्थानीय लोग इस मामले पर बंटे हुए हैं।

सामाजिक और कानूनी प्रभाव

यह मामला हिमाचल में धार्मिक प्रथाओं और कानूनी नियमों के बीच टकराव को दर्शाता है। कुछ लोग परंपराओं का समर्थन करते हैं, जबकि अन्य पशु बलि को क्रूर मानते हैं। यह घटना स्थानीय समुदाय में चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का वादा किया है।

जांच में पारदर्शिता की मांग

डीएसपी गौरवजीत सिंह ने कहा कि सभी आरोपों की गहन जांच होगी। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। यह मामला हिमाचल में पशु बलि के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

Author: Harikrishan Sharma

#animalSacrifice #HimachalTempleCase