हरौली पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट मामले में दूसरे आरोपी को किया गिरफ्तार, जानें कितने लाख रुपए की हुई थी ठगी
Una News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली क्षेत्र के नगनोली गांव में सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक को डिजिटल अरेस्ट कर 61 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी गिरफ्तार कर लिया है।
हरोली पुलिस के जवानों में सूझबूझ दिखाते हुए राजस्थान जाकर मामले के दूसरे आरोपी को दबोचा। आरोपी की पहचान नफीस (25) निवासी गांव भिंडूसी, तहसील तिजारा, जिला खैरथल राजस्थान के तौर पर हुई। इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर चल रहा है।
जानकारी के अनुसार बीती 4 दिसंबर को हरोली के नगनोली गांव में सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक के साथ डिजिटल अरेस्ट कर अज्ञात आरोपियों ने 61 लाख रुपये की ठगी कर ली।
हरोली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद से आरोपियों के सुराग जुटाए। इसमें पता चला कि आरोपी राजस्थान में हैं। इसके बाद पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम में उप निरीक्षक चेतन, मुख्य आरक्षी परमजीत आरक्षी सरबजीत तथा आरक्षी अंकुश शामिल किए गए। इसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम राजस्थान भेजी गई।
हरोली थाना प्रभारी सुनील खुद राजस्थान पुलिस के साथ लगातार संपर्क में रहे। राजस्थान पुलिस की टीम के उप निरीक्षक सोहेल खान की मदद से हरोली टीम ने मामले से जुड़े दूसरे आरोपी को पकड़ लिया। यह आरोपी भी 10 प्रतिशत कमीशन लेकर अपने खातों में पैसे डलवाकर आगे टीम को भेज रहा था।
आरोपी ने अपने बैंक खाते में छह लाख करीब राशि डलवाई थी। बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार करके पुलिस हरोली ले आई है। आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश करके तीन दिन के पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। पहला आरोपी अभी पांच दिन के पुलिस रिमांड पर है। पुलिस घटना से जुड़े उन सभी बैंक खातों का अवलोकन करने में जुटी है, जिनमें राशि ट्रांसफर हुई। पुलिस की एक टीम अन्य आरोपियों की पहचान करने में भी जुटी हैं।
इससे पहले 9 दिसंबर को हरोली पुलिस ने मामले के पहले आरोपी को जयपुर राजस्थान से पकड़ा। उसकी पहचान रोशन यादव वार्ड पांच मेला की दह, चोमू गोबिंदगढ़ अलवर, जयपुर (राजस्थान) के तौर पर हुई। पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि हरोली पुलिस ने ठगी मामले में सराहनीय कार्य किया है। वह लगातार पुलिस जवानों के साथ संपर्क में है। कहा कि मामले में कई और आरोपी पुलिस के हाथ लग सकते हैं। इसके लिए पुलिस की टीम लगातार सक्रिय है।