Shock: Spy-Agents and Spy-Assets may have been doing Spy Stuff and behaving like gossips flirting in a way that their loyalties may seem potentially pliable. MPs surprised!
Shock: Spy-Agents and Spy-Assets may have been doing Spy Stuff and behaving like gossips flirting in a way that their loyalties may seem potentially pliable. MPs surprised!
इजरायल ढूंढ रहा अपने सबसे खतरनाक जासूस एली कोहेन की कब्र, सीरिया ने सरेआम दी थी फांसी
Israel News: सीरिया में बशर अल-असद शासन के पतन के साथ ही इजरायल ने सीरिया के अंदर एक सीक्रेट कब्र की तलाश शुरू की है। ये कब्र इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के सबसे खतरनाक जासूस एली कोहेन की है। इजरायली मीडिया आउटलेट यरुशलम पोस्ट ने हिजबुल्लाह से जुड़े न्यूज पेपर अल-अखबार के हवाले से ये जानकारी दी है। अल-अखबार ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि इजरायल ने जासूस एली कोहेन को दफन किए जाने वाली जगह का पता लगाने के लिए सीरिया के अंदर और विदेश में संपर्क शुरू किया है।
पहले भी हुई थी कोहेन के शव की तलाश
इसके साथ ही इजरायल ने 1982 में लेबनान में सीरियाई सेना के साथ सुल्तान याकूब की लड़ाई के बाद लापता घोषित किए गए IDF सैनिकों के शवों का पता लगाने के लिए भी नए सिरे से प्रयास शुरू किए हैं। फरवरी 2021 में बताया गया था कि कोहेन का शव को इजरायल को सौंपने के लिए रूस, सीरियाई अधिकारियों के साथ सहयोग करके दक्षिणी दमिश्क में यरमौक शरणार्थी शिविर के क्षेत्र की तलाश कर रहा था।
इसके अगले महीने ही कथित तौर पर कोहेन से जुड़ी एक चीज को इजरायल को सौंपा गया था। उस समय की इजरायली मीडिया रिपोर्टों में कहा गया यह वस्तु कोहेन के कपड़ों का दस्तावेज या फिर कोई लेख हो सकता है। हालांकि, तत्कालीन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इन रिपोर्टों का खंडन किया था। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि क्या वास्तव में कोई ऐसी चीज सौंपी गई थी।
कौन थे एली कोहेन?
एली कोहेन इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के एक जासूस थे, जिन्हें सीरिया में मिशन के तहत भेजा गया था। कोहेन का जन्म साल 1924 में मिस्र में एक सीरियाई यहूदी परिवार में हुआ था। उन्होंने सीरियाई व्यापारी के रूप में खुद को पेश करके सीरिया की सेना और सरकार के उच्चतम पदों तक अपनी पैठ बना ली। साल 1961 से 1965 के बीच कोहेन ने सीरिया के अंदर से महत्वपूर्ण खुफिया इजरायल को सौंपी थी।
संदेश भेजते वक्त पकड़े गए कोहेन
कोहेन के मिशन को इजरायल के इतिहास में अब तक के सबसे साहसी खुफिया जानकारी जुटाने वाले अभियानों में से एक के रूप में याद किया जाता है। कोहेन की पकड़ इतनी गहरी हो चुकी थी कि उन्हें रक्षा उप मंत्री बनाने की तैयारी थी। उन्हें गोपनीय सैन्य बीफ्रिंग दी गई। जनवरी 1965 में जब कोहेन इजरायल को खुफिया संदेश भेज रहे थे, उसी समय सीरियन काउंटर-इंटेलीजेंस ने उनके रेडियो सिग्नल की पहचान कर ली और उन्हें पकड़ लिया गया।
खुलेआम दी गई थी फांसी
एक सैन्य मुकदमे के बाद मई 1965 में कोहेन को दमिश्क में खुलेआम फांसी पर लटका दिया गया। सीरिया ने कोहेन के शव को इजराइल में उनके परिवार को लौटाने से इनकार कर दिया। कथित तौर पर उनके शव को कई बार अलग-अलग जगह पर दफनाया गया, ताकि इजराइल उनके अवशेषों को ढूंढ़कर वापस न ले जा सके।