Pakistan faces water crisis as 80% lack safe drinking water
Pakistan faces water crisis as 80% lack safe drinking water
सिंधु जल संधि: पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान में गहराया जल संकट, तापमान बढ़ने का खतरा मंडराया
Pakistan News: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। इसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान में जल संकट गहरा गया है। पंजाब प्रांत में जलस्तर में कमी देखी गई। खरीफ फसल के लिए पानी की कमी चिंता का विषय है। भारत ने सख्त रुख अपनाया है।
जल प्रवाह में कमी
पाकिस्तान के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सिंधु बेसिन में बांधों से जल प्रवाह में 15% की गिरावट दर्ज हुई। 5 जून को पंजाब में जल रिलीज 1.24 लाख क्यूसेक था। यह पिछले साल 1.44 लाख क्यूसेक था। तरबेला डैम का जलस्तर 1,465 मीटर है। यह डेड लेवल 1,402 मीटर के करीब है। चश्मा डैम में जलस्तर 644 मीटर है। यह डेड लेवल 638 मीटर से थोड़ा ऊपर है। मंगला डैम का जलस्तर भी 1,163 मीटर पर है। यह डेड लेवल 1,050 मीटर से थोड़ा अधिक है।
खरीफ फसल पर संकट
पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन में 21% जल की कमी है। चिनाब नदी में 5 जून को जल प्रवाह 3,064 क्यूसेक था। 28 मई को यह 26,645 क्यूसेक था। यह कमी फसलों को प्रभावित कर सकती है। पंजाब में 80% खेती सिंधु नदी पर निर्भर है। जल संकट से खाद्य उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
हीटवेव से बढ़ती मुश्किलें
8 जून से पंजाब, इस्लामाबाद, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य क्षेत्रों में हीटवेव की चेतावनी है। तापमान सामान्य से 5-7 डिग्री अधिक रह सकता है। यह जल संकट को और गंभीर बनाएगा। मानसून से राहत की उम्मीद है। लेकिन तब तक नुकसान हो सकता है। पाकिस्तान ने चिनाब नदी में पानी की कमी को भारत की कार्रवाई से जोड़ा।
भारत का सख्त रुख
भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।” भारत ने पाकिस्तान को चार पत्रों का जवाब नहीं दिया। मोदी ने संधि को ऐतिहासिक अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बांधों की सफाई पर रोक थी। इससे पानी की मात्रा 2-3% रह गई।
संधि का इतिहास
1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर हुए। पूर्वी नदियां (ब्यास, रावी, सतलुज) भारत को मिलीं। पश्चिमी नदियां (सिंधु, चिनाब, झेलम) पाकिस्तान को दी गईं। भारत को पश्चिमी नदियों के सीमित उपयोग की अनुमति थी। संधि ने 60 वर्षों तक जल वितरण सुनिश्चित किया।
संधि निलंबन का प्रभाव
भारत ने डेटा साझा करना बंद कर दिया। इससे पाकिस्तान को बाढ़ या सूखे की जानकारी नहीं मिलेगी।
Author: Arav Sharma, Delhi