SC declines to stay Adani resolution plan for Jaiprakash Associates - Social News XYZ

New Delhi, April 6 (SocialNews.XYZ) In a setback to Vedanta Group, the Supreme Court on Monday declined to stay the implementation of Adani Enterprises' resolution plan for debt-ridden Jaiprakash Associates Ltd. A bench, led by... - Social News XYZ

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जयप्रकाश एसोसिएट्स: 3 रूपये तक शेयर गिरने के बाद ट्रेडिंग बंद, अदाणी ने लगाई 12500 करोड़ की बोली

India News: जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयरों की ट्रेडिंग अस्थाई रूप से बंद हो गई है। 7 जुलाई को आखिरी ट्रेडिंग में शेयर 3.19 रुपये पर बंद हुए। उस दिन 5% की तेजी देखी गई। कर्ज में डूबी इस कंपनी का मार्केट कैप 783 करोड़ रुपये है। अदाणी समूह ने 12500 करोड़ की बोली लगाकर इसे खरीदने की दौड़ में बढ़त बनाई है। यह खबर निवेशकों के बीच उम्मीद जगा रही है। लोग इस बदलाव पर नजर रखे हुए हैं।

शेयरों का उतार-चढ़ाव

जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयरों ने कभी निवेशकों को मोटा मुनाफा दिया। 2004 में 12 रुपये पर लिस्टेड यह शेयर 2008 में 296 रुपये तक पहुंचा। मगर, कर्ज के बोझ तले दबने से शेयर 3 रुपये तक गिर गए। पिछले कुछ समय से हर दिन 5% की गिरावट देखी जा रही थी। 7 जुलाई को तेजी ने निवेशकों को राहत दी। अब ट्रेडिंग बंद होने से लोग भविष्य को लेकर उत्सुक हैं। यह कंपनी के लिए महत्वपूर्ण मोड़ है।

अदाणी की बोली

अदाणी समूह जयप्रकाश एसोसिएट्स को खरीदने की रेस में सबसे आगे है। इसने 12500 करोड़ की बोली लगाई है। यह राशि कंपनी के कर्ज का हिस्सा चुकाने में मदद कर सकती है। वेदांता, जिंदल पावर और पीएनसी इंफ्राटेक भी दौड़ में हैं। यह प्रतिस्पर्धा कंपनी के मूल्य को दर्शाती है। निवेशक और विश्लेषक इस सौदे पर नजर रखे हुए हैं। यह कंपनी के पुनर्जनन की उम्मीद जगा रहा है।

कंपनी का इतिहास

जयप्रकाश एसोसिएट्स कभी देश का बड़ा बिजनेस समूह था। यह रियल एस्टेट, सीमेंट, बिजली और होटल सेक्टर में सक्रिय है। इसके प्रोजेक्ट्स में जयप्रकाश ग्रीन्स और स्पोर्ट्स सिटी शामिल हैं। मगर, भारी कर्ज और लोन चुकाने में चूक ने इसे दिवालिया कर दिया। अब यह IBC कानून के तहत कार्यवाही से गुजर रही है। यह स्थिति कंपनी के कर्मचारियों और निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। लोग इसके भविष्य की ओर देख रहे हैं।

कर्ज का बोझ

जयप्रकाश एसोसिएट्स पर 57,000 करोड़ से अधिक का कर्ज है। मई 2024 में कंपनी ने 4,616 करोड़ के लोन डिफॉल्ट किए। इसमें 1,751 करोड़ मूलधन और 2,865 करोड़ ब्याज शामिल हैं। यह कर्ज कंपनी की मुश्किलों का मुख्य कारण है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने जून 2024 में इसे दिवालिया घोषित किया। अब बोली प्रक्रिया से कर्जदाताओं को राहत की उम्मीद है। यह कंपनी के लिए नया मौका हो सकता है।

अन्य दावेदार

अदाणी के अलावा वेदांता, जिंदल पावर और पीएनसी इंफ्राटेक ने भी बोली लगाई है। कुल 26 कंपनियों ने रुचि दिखाई थी। इनमें डालमिया भारत और पतंजलि आयुर्वेद भी शामिल हैं। यह प्रतिस्पर्धा कंपनी के मूल्यवान प्रोजेक्ट्स को दर्शाती है। जयप्रकाश ग्रीन्स और स्पोर्ट्स सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। लोग इस बोली प्रक्रिया के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। यह सौदा उद्योग में बड़ा बदलाव ला सकता है।

ट्रेडिंग सस्पेंशन

एनएसई ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयरों की ट्रेडिंग अस्थाई रूप से रोक दी। यह कदम दिवालियापन प्रक्रिया के चलते उठाया गया। 7 जुलाई को शेयर 3.19 रुपये पर बंद हुए। उस दिन 5% की तेजी ने निवेशकों में उत्साह जगाया। मगर, ट्रेडिंग बंद होने से अनिश्चितता बढ़ गई है। निवेशक अब बोली प्रक्रिया के नतीजों पर निर्भर हैं। यह स्थिति कंपनी के भविष्य को लेकर सवाल उठा रही है। लोग परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

रियल एस्टेट और सीमेंट

जयप्रकाश एसोसिएट्स की संपत्तियां आकर्षक हैं। जयप्रकाश ग्रीन्स, नोएडा का विशटाउन और जेवर एयरपोर्ट के पास स्पोर्ट्स सिटी इसके प्रमुख प्रोजेक्ट्स हैं। कंपनी के पास मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में चार सीमेंट प्लांट भी हैं। हालांकि, ये प्लांट अभी बंद हैं। ये संपत्तियां बोली लगाने वालों के लिए बड़ा आकर्षण हैं। लोग इन प्रोजेक्ट्स के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं। यह सौदा रियल एस्टेट और सीमेंट सेक्टर को प्रभावित करेगा।

निवेशकों की उम्मीदें

जयप्रकाश एसोसिएट्स के निवेशकों ने कभी बड़े मुनाफे देखे। 2008 में शेयर 296 रुपये तक पहुंचा था। मगर, कर्ज ने सब बदल दिया। अब शेयर 3 रुपये पर हैं। अदाणी की बोली ने निवेशकों में नई उम्मीद जगाई है। लोग इस सौदे से कंपनी के पुनर्जनन की आशा रखते हैं। यह प्रक्रिया कर्जदाताओं और कर्मचारियों के लिए भी राहत ला सकती है। निवेशक इस सौदे के परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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