फर्जीवाड़ा उजागर: सोलन के शूलिनी मेले में 1200 फर्जी पर्चियां पकड़ीं, नालागढ़ पुलिस की जांच शुरू
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सोलन में आयोजित प्रसिद्ध शूलिनी मेले में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। नालागढ़ पुलिस ने मेले के दौरान बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का खुलासा किया। जांच में लगभग 1200 फर्जी पर्चियां पकड़ी गईं। पुलिस ने डिपो संचालक के खिलाफ FIR दर्ज की और कुछ अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच शुरू की। यह घटना 6 जून 2025 को सामने आई, जिसने स्थानीय समुदाय में हड़कंप मचा दिया।
शूलिनी मेले में धोखाधड़ी का खुलासा
हर साल सोलन में आयोजित शूलिनी मेला हिमाचल का प्रमुख सांस्कृतिक और व्यापारिक आयोजन है। इस बार मेले में खाद्य वस्तुओं की बिक्री से जुड़ी धोखाधड़ी सामने आई। नालागढ़ पुलिस को सूचना मिली कि डिपो संचालक ने फर्जी पर्चियों के जरिए अनैतिक लाभ कमाया। जांच में पाया गया कि ये पर्चियां खाद्य सामग्री के वितरण में इस्तेमाल हुईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संचालक को हिरासत में लिया।
फूड इंस्पेक्टर पर सवाल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में फूड इंस्पेक्टर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर ने पर्चियों की जांच में लापरवाही बरती, जिससे फर्जीवाड़ा उजागर होने में देरी हुई। हिमाचल प्रदेश खाद्य आपूर्ति विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार, मेले में खाद्य वितरण की निगरानी अनिवार्य है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इंस्पेक्टर की मिलीभगत थी। कुछ अन्य अधिकारियों के शामिल होने की भी आशंका है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
नालागढ़ पुलिस ने फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद गहन जांच शुरू की। डिपो संचालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 1200 फर्जी पर्चियां जब्त कीं, जिनका इस्तेमाल खाद्य वस्तुओं के वितरण में किया गया। सोलन के SP ने कहा कि जांच में सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। संदिग्ध अधिकारियों से भी पूछताछ होगी।
शूलिनी मेले की अहमियत
शूलिनी मेला सोलन का ऐतिहासिक आयोजन है, जो माता शूलिनी को समर्पित है। यह मेला हर साल जून में हजारों पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आकर्षित करता है। मेले में खाद्य स्टॉल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और व्यापारिक गतिविधियां प्रमुख होती हैं। इस तरह के फर्जीवाड़ा उजागर होने से मेले की साख पर सवाल उठे हैं। हिमाचल पर्यटन विभाग (himachaltourism.gov.in) के अनुसार, मेले में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है।
धोखाधड़ी से बचाव के उपाय
ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए विशेषज्ञ निम्नलिखित सुझाव देते हैं:
- मेले में डिजिटल पेमेंट और पर्ची सत्यापन प्रणाली लागू करें।
- खाद्य स्टॉलों की नियमित जांच करें।
- स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निगरानी बढ़ाएं।
- लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित करें।
हिमाचल में धोखाधड़ी के मामले
हिमाचल प्रदेश में हाल के वर्षों में धोखाधड़ी के मामले बढ़े हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2023 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में धोखाधड़ी के 1,500 से अधिक मामले दर्ज हुए। सोलन जिला, जो व्यापारिक केंद्र है, में ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें। हेल्पलाइन नंबर 100 और सोलन पुलिस की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।