शुभांशु शुक्ला: अंतरिक्ष में गाजर का हलवा और वैज्ञानिक शोध, सबसे लंबे समय तक स्पेस में रहने का बनाएंगे रिकॉर्ड

International Space Station News: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने 4 जुलाई 2025 को आईएसएस पर एक सप्ताह पूरा किया। उन्होंने गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा और आम रस का स्वाद लिया। परिवार से बातचीत के लिए मिले अवकाश में उन्होंने पृथ्वी के दृश्य साझा किए। शुक्ला ने राकेश शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा, नौ दिन अंतरिक्ष में बिताए। वह सात वैज्ञानिक प्रयोगों का नेतृत्व कर रहे हैं।

अंतरिक्ष में भारतीय स्वाद

शुभांशु शुक्ला ने बेंगलुरु के यूआरएससी वैज्ञानिकों से बात की। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में भोजन पहले से पैक होता है। गाजर का हलवा और आम रस जैसे भारतीय व्यंजनों ने उनके मिशन को खास बनाया। विभिन्न देशों के व्यंजनों को चालक दल ने साझा किया। शुक्ला ने कहा कि भोजन पौष्टिक और स्वादिष्ट है। यह अनुभव अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाता है। पृथ्वी की 113 परिक्रमाएं पूरी हो चुकी हैं।

रिकॉर्ड तोड़ने वाला मिशन

शुभांशु शुक्ला ने राकेश शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा। 1984 में शर्मा ने सात दिन अंतरिक्ष में बिताए थे। शुक्ला ने नौ दिन पूरे कर लिए। एक्सिओम-4 मिशन में वह 14 दिन तक वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। पृथ्वी से 4.66 मिलियन किलोमीटर की दूरी तय की गई। शुक्ला ने लॉन्च को गतिशील बताया। रॉकेट की गति 28,000 किमी प्रति घंटा थी। यह उपलब्धि भारत के लिए गर्व का पल है।

वैज्ञानिक शोध और प्रयोग

शुभांशु शुक्ला माइक्रोग्रैविटी में शैवाल और टार्डिग्रेड्स पर प्रयोग कर रहे हैं। ये शोध कोशिकीय तंत्र को समझने में मदद करेंगे। वह मांसपेशियों की कमजोरी पर भी काम कर रहे हैं, जो बुजुर्गों के लिए लाभकारी हो सकता है। शुक्ला ने सात भारत-विशिष्ट प्रयोगों का नेतृत्व किया। नासा और इसरो की संयुक्त परियोजना में वह ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस पर भी शोध कर रहे हैं। यह मिशन विज्ञान को नई दिशा देगा।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक

शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की तारीफ की। नासा, इसरो, स्पेसएक्स और अन्य एजेंसियां इस मिशन को सफल बना रही हैं। पेग्गी व्हिटसन के नेतृत्व में चालक दल में पोलैंड और हंगरी के यात्री हैं। शुक्ला ने कहा कि विभिन्न देशों के साथ काम करना रोमांचक है। पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखना सबसे यादगार अनुभव है। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष यात्रा में नया अध्याय जोड़ रहा है।

परिवार और छात्रों से संवाद

अवकाश के दिन शुक्ला ने लखनऊ में परिवार से बात की। उन्होंने सूर्योदय का नजारा दिखाया। केरल और सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के छात्रों से बातचीत में उन्होंने अंतरिक्ष में खाने और सोने की चुनौतियां बताईं। बिना गुरुत्वाकर्षण के दीवारों पर स्लीपिंग बैग में सोना मजेदार है। छात्रों ने स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर सवाल किए। शुक्ला ने इसे प्रेरणादायक बताया। यह संवाद युवाओं को प्रेरित करेगा।

अंतरिक्ष में भारत का गौरव

विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्ला की उपलब्धि को गर्व का क्षण बताया। वह पहले भारतीय सैन्य अंतरिक्ष यात्री हैं। 41 साल बाद भारत ने अंतरिक्ष में वापसी की। शुक्ला ने तिरंगे को अंतरिक्ष में लहराया। उनकी बहन शुचि ने बताया कि वह अपने बेटे का खिलौना साथ ले गए। यह मिशन गगनयान कार्यक्रम के लिए अनुभव प्रदान करेगा। शुक्ला का उत्साह भारत की युवा पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है।

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शुभांशु शुक्ला: अंतरिक्ष यात्री ने आईएसएस से बच्चों के साथ साझा किए अनुभव, जानें क्या-क्या बताया

Uttar Pradesh News: लखनऊ के शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से बच्चों से बात की। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में छात्रों ने उनसे अंतरिक्ष में जीवन के बारे में सवाल पूछे। शुक्ला ने 25 जून 2025 को फ्लोरिडा से उड़ान भरी थी। उन्होंने अंतरिक्ष यात्रा को अद्भुत बताया। यह बातचीत बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति उत्साह जगाती है।

बच्चों के सवाल और जवाब

शुभांशु शुक्ला ने बच्चों के सवालों का विस्तार से जवाब दिया। छात्रों ने पूछा कि अंतरिक्ष यात्री क्या खाते हैं, कैसे सोते हैं और बीमार होने पर क्या होता है। उन्होंने बताया कि माइक्रोग्रैविटी में शरीर को ढलने में समय लगता है। पृथ्वी पर लौटने के बाद भी सामान्य होने में दिन लगते हैं। बच्चों ने अंतरिक्ष यात्रा के रोमांचक हिस्सों और इसके लाभों के बारे में भी जाना। यह अनुभव प्रेरणादायक था।

अंतरिक्ष यात्रा का रोमांच

शुभांशु शुक्ला ने आईएसएस पर अपने अनुभव को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने बच्चों को बताया कि अंतरिक्ष में तैरना और पृथ्वी को देखना रोमांचक है। 14 दिन के मिशन में वे 60 वैज्ञानिक प्रयोग कर रहे हैं। इनमें सात प्रयोग भारत के हैं। शुक्ला ने बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया। उनकी बातचीत ने युवा दिमागों में अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा बढ़ाई।

भविष्य की प्रेरणा

विंग कमांडर अंगद प्रताप ने सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में बच्चों से कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान में अपार संभावनाएं हैं। शुभांशु शुक्ला के मिशन से प्रेरित होकर उन्होंने छात्रों को इस क्षेत्र में करियर बनाने को प्रोत्साहित किया। प्रताप गगनयान मिशन के लिए नामित हैं। उनकी बातचीत ने बच्चों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया। यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की नई शुरुआत है।

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शुभांशु शुक्ला: लखनऊ के ग्रुप कैप्टन ने अंतरिक्ष से भेजा पहला संदेश, सीएम योगी ने दी बधाई

Uttar Pradesh News: शुभांशु शुक्ला मिशन ने इतिहास रच दिया। लखनऊ के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 25 जून को अंतरिक्ष से पहला संदेश भेजा। वे Axiom-4 मिशन के पायलट हैं। स्पेसएक्स ड्रैगन से ISS पहुंचे। उन्होंने कहा, “मेरा तिरंगा मुझे आप सभी के साथ जोड़ता है।” यह भारत की मानव अंतरिक्ष यात्रा की शुरुआत है। सीएम योगी ने इसे वैज्ञानिक उपलब्धि बताया। ISRO मिशन की निगरानी कर रहा है।

अंतरिक्ष से पहला संदेश

शुभांशु शुक्ला मिशन में शुभांशु ने ISS से संदेश भेजा। उन्होंने कहा, “41 साल बाद भारत अंतरिक्ष में लौटा।” वे 7.5 किमी/सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं। तिरंगे को कंधे पर ले जाने का गर्व जताया। शुभांशु ने देशवासियों को मिशन का हिस्सा बनने को कहा। उनकी आवाज में गर्व और उत्साह था। यह मिशन भारत के युवाओं को प्रेरित करेगा। वे 14 दिन तक अंतरिक्ष में रहेंगे।

योगी की बधाई और गर्व

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुभांशु शुक्ला मिशन की तारीफ की। उन्होंने X पर लिखा, “यह भारत का गौरवशाली क्षण है।” योगी ने इसे वैज्ञानिक उत्कर्ष और वैश्विक सहयोग का प्रतीक बताया। उन्होंने शुभांशु को बधाई दी। मिशन को पीएम मोदी के नेतृत्व से जोड़ा। योगी ने शुभांशु की सफलता को लखनऊ और देश के लिए गर्व बताया। परिवार ने भी खुशी जताई। मिशन 26 जून को ISS से जुड़ेगा।

ऐतिहासिक उड़ान की शुरुआत

शुभांशु शुक्ला मिशन में शुभांशु स्पेसएक्स ड्रैगन से उड़े। यह 1984 में राकेश शर्मा के बाद भारत की पहली मानव अंतरिक्ष यात्रा है। शुभांशु भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट हैं। उनके पास 2,000 घंटे की उड़ान का अनुभव है। मिशन में वे 60 वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। लखनऊ में उनके परिवार ने उत्साह दिखाया। मां आशा शुक्ला की आंखों में खुशी के आंसू थे। यह मिशन गगनयान की तैयारी है।

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अंतरीक्ष में जाने वाले Subhanshu Shukla (शुभांशु शुक्ला) कौन हैं? "14 दिनों की यात्रा पर जा रहा हूं लेकिन मां के हाथ का स्वाद साथ लेकर जा रहा हूं" #ShubhanshuInSpace #Axiom4 #Ax4 #ProudIndianAstronaut #AxiomMission #ISS #SpaceScience #SpacePilot #HomeInSpace

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अंतरीक्ष में जाने वाले Subhanshu Shukla (शुभांशु शुक्ला) कौन हैं? "14 दिनों की यात्रा पर जा रहा हूं लेकिन मां के हाथ का स्वाद साथ लेकर जा रहा हूं" यह भावना

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