ताजा बर्फबारी से बागवानों के चेहरों पर छाई मुस्कान, कैंकर रोग पर रहेगा नियंत्रण; पर्यटन कारोबार को भी लगेंगे पंख
Shimla News: तीन महीने के सूखे से सेब के बागवानों के लिए पैदा हुआ संकट दूर हो गया है। अब सेब के चिलिंग ऑवर्स पूरे होने की उम्मीद है। बागवानों में फैल रही बीमारियों पर भी प्राकृतिक रूप से नियंत्रण हो सकेगा। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज के अनुसार दूसरी बर्फबारी सेब के बागवानों के लिए संजीवनी साबित होगी। हवा में नमी बढ़ेगी। वूली एफिड का असर रुकेगा। आने वाले दिनों में बारिश हुई तो वूली एफिड पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
कैंकर रोग पर भी नियंत्रण होगा
हवा में नमी होने से सूरज की किरणें पौधों पर तेजी से नहीं पड़ेंगी। इससे कैंकर रोग पर भी नियंत्रण होगा। बागवानों में अभी तक पत्ते गिरने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी। आमतौर पर दिसंबर तक सेब के बागवानों में पत्ते गिर जाते हैं। अब पत्ते गिरने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी और पौधा सुप्तावस्था में चला जाएगा।
प्रगतिशील उत्पादक संघ के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि बारिश और बर्फबारी के कारण बागवान अब नए साल में पौधरोपण की तैयारियां शुरू कर सकेंगे। बीमारियों पर प्राकृतिक रूप से नियंत्रण होगा। ठंडक की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। हालांकि, जमीन में अभी नमी कम है। अगर आने वाले दिनों में फिर बर्फबारी होती है तो नमी की समस्या भी दूर हो जाएगी।
पांच जनवरी तक खुली रहेंगी सभी दुकानें
हिमाचल में नए साल पर पर्यटकों के आगमन को देखते हुए पांच जनवरी तक सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे खुले रखने का निर्णय लिया गया है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि दुकानें एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम 1969 के तहत जनहित में यह निर्णय लिया गया है।
इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। रबी फसलों के अनुरूप नहीं हुई बारिश प्रदेश के 55 फीसदी क्षेत्र में रबी की बिजाई का काम नहीं हो पाया। किसानों को उम्मीद थी कि अगर बारिश होती है तो पछेती किस्मों की बिजाई हो सकेगी। हालांकि, रबी फसलों की बिजाई के लिए यह बारिश काफी कम बताई जा रही है।
पर्यटन कारोबार को लगेंगे पंख
शिमला में बर्फबारी और प्रदेश में बारिश के चलते पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। दूसरे राज्यों से भी पर्यटक क्रिसमस और नए साल का जश्न मनाने के लिए पहाड़ों पर आते हैं। प्रदेश के कारोबारियों को उम्मीद है कि बारिश और बर्फबारी से कारोबार को पंख लगेंगे।