ये भी क्या कम है के दोनो का भरम कायम है,
उसने बख्शीश नही की, हमने गुज़ारिश नही की..
अहमद फ़राज़
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ये भी क्या कम है के दोनो का भरम कायम है,
उसने बख्शीश नही की, हमने गुज़ारिश नही की..
अहमद फ़राज़
ज़िंदगी ने लूटा है ज़िंदगी को दानिस्ता,
मौत से शिकायत क्या मौत का बहाना था..
नसीम शाहजहाँपुरी
मस्कन-ए-माह-ओ-साल छोड़ गया
दिल को उस का ख़याल छोड़ गया
ताज़ा-दम जिस्म-ओ-जाँ थे फ़ुर्क़त में
वस्ल उस का निढाल छोड़ गया
अहद-ए-माज़ी जो था अजब पुर-हाल
एक वीरान हाल छोड़ गया
झाला-बारी के मरहलों का सफ़र
क़ाफ़िले पाएमाल छोड़ गया
दिल को अब ये भी याद हो कि न हो
कौन था क्या मलाल छोड़ गया
मैं भी अब ख़ुद से हूँ जवाब-तलब
वो मुझे बे-सवाल छोड़ गया
जौन एलिया
ये इल्म का सौदा ये रिसाले ये किताबें,
इक शख़्स की यादों को भुलाने के लिए हैं..
जाँ निसार अख़्तर
To get the full value of joy, you must have someone to divide it with.
Mark Twain
There is no remedy for love but to love more.
Henry David Thoreau
दुखी-मन से कुछ भी न कहो!
व्यर्थ उसे है ज्ञान सिखाना,
व्यर्थ उसे दर्शन समझाना,
उसके दुख से दुखी नहीं हो तो बस दूर रहो!
दुखी-मन से कुछ भी न कहो!
उसके नयनों का जल खारा,
है गंगा की निर्मल धारा,
पावन कर देगी तन-मन को क्षण भर साथ बहो!
दुखी-मन से कुछ भी न कहो!
देन बड़ी सबसे यह विधि की,
है समता इससे किस निधि की?
दुखी दुखी को कहो, भूल कर उसे न दीन कहो?
दुखी-मन से कुछ भी न कहो!
हरिवंशराय बच्चन
मोहब्बत
पाकीज़ा
दीवानगी
सादगी
हुस्न
कशिश
दिलकश
हया
इबादत
रूह...
कितने लफ्जो में सिमटी हो तुम सिर्फ मेरे लिए..
अज्ञात
और बे हवाबाजों 😂😂😂😂
Unless you have found God in your own soul, the whole world will seem meaningless to you.
Rabindranath Tagore