युग को पलटने में लगे लोग
बुख़ार से नहीं मरते
मृत्यु के कन्धों पर जानेवालों के लिए
मृत्यु के बाद ज़िन्दगी का सफ़र शुरू होता है
- पाश
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युग को पलटने में लगे लोग
बुख़ार से नहीं मरते
मृत्यु के कन्धों पर जानेवालों के लिए
मृत्यु के बाद ज़िन्दगी का सफ़र शुरू होता है
- पाश
पुरानी यादों से चींटियाँ निकलती हैं
कुछ ढोती हुईं
उन्हें ख़ाली और ख़ाली करती हुईं
कुछ नहीं के अँधेरे में गुम होती हुईं
हमारे भीतर एक नया खोखल बनाती हुईं
- अदनान कफ़ील दरवेश
बिछड़े तो न जाने हाल क्या हो
जो शख़्स अभी मिला नहीं है,
जीने की तो आरज़ू ही कब थी
मरने का भी हौसला नहीं है..।
- परवीन शाकिर
हम जिसे गांव में "मिट्टी" कहते हैं, शहर में उसे "धूल" कहते हैं।
- निलोत्पल मृणाल
मैंने जब ओसान संभाला
देखा कुछ सफेद, कुछ काला,
कुछ धूसर, कुछ आसमानी
मैंने मांओं को,
बहनों को अक्सर रोते देखा,
मैंने की अनंत प्रार्थनाएं -
मेरी बहन ‘गोरी’ हो जाए!
रोते-रोते मेरी आंखें लाल हो गईं
पर जो न होना था, नहीं हुआ.
- उस्मान खान
जब भी आंखें मिलीं उन आंखों से
दिल ने दिल का मिजाज़ पूछा है
- मजाज़