New here. Humanity is my religion. No hypocrisy. Please boost so that I can do better.
I follow back but bigots
New here. Humanity is my religion. No hypocrisy. Please boost so that I can do better.
I follow back but bigots
एक नवाब साहब *लखनऊ* से अपने भतीजे के निकाह के लिए *कानपूर* पहुचे..
नवाब साहब दो दिन से देख रहे थे कि रोज दावत में उनको खाने मे अंडे ही दिए गए..
..सो तीसरे दिन उनका सब्र टूट गया और उन्होंने अपने समधी से पूछ ही लिया..:
जनाब, ये अंडे तो अपनी जगह ठीक हैं, पर इनके वालिद कहाँ हैं..!
उनसे भी मुलाक़ात कराईये..!!
*ये होती है लखनवी तहजीब*
*समधी भी पक्का कनपुरिया था*
उसने कहा ..जनाब...यह यतीम हैं।
😂😄😄😄😄
....
....
....
इसी को *कब्बडी* कहते है !
कभी खेल कूद भी लिया करो *मोहब्बत* के मरीजो !! 😏😏😏
*खेल मंत्रालय भारत सरकार* !
😝😜
वो *साँसे* अपनी रोक कर तुझे छूने की तमन्ना,
और हल्का सा छू कर खुशी खुशी लौट आना मेरा,
यूँ लगा कि जैसे सारा जहाँ *जीत* लिया हो....!
जब बाँधा मुझे अपनी बाँहो में न छूटने के लिए....
लगा सब कुछ *हार* चले हम.....!
....
....
....
....
....
....
....
....
....
One who will waste time to read and understand others, will have no time to prove herself intellectual.
Who is intellectual?
One who dismisses everyone's else views as trash but his own.