ऑपरेशन सिंदूर: चीन-पाकिस्तान की साठगांठ ने बढ़ाई भारत की चिंता, राफेल के खिलाफ किया दुष्प्रचार

Defence News: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन और पाकिस्तान की सैन्य साठगांठ ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने चेतावनी दी कि चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश का गठजोड़ भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। हाल ही में दोनों देशों की वायुसेना के अधिकारियों की बैठक ने इस आशंका को बल दिया। पाकिस्तानी वायुसेना की तारीफ कर चीन ने अपनी मंशा जाहिर कर दी।

चीन ने की पाकिस्तानी वायुसेना की तारीफ

पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू और चीनी वायुसेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वांग गांग की हालिया बैठक में चीन ने पीएएफ की तारीफ की। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, वांग ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी वायुसेना के प्रदर्शन को सटीकता और साहस का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि चीनी वायुसेना पाकिस्तान के अनुभव से सीखना चाहती है।

ऑपरेशन सिंदूर में चीन की भूमिका

उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को खुफिया जानकारी दी। डीजीएमओ स्तर की बातचीत में पाकिस्तान को भारत की सैन्य तैनाती की सटीक जानकारी मिल रही थी। सिंह ने कहा कि चीन ने अपनी प्राचीन “36 चालों” की रणनीति का इस्तेमाल कर पाकिस्तान को हरसंभव सहायता दी। तुर्की ने भी ड्रोन सप्लाई कर पाकिस्तान का साथ दिया।

राफेल के खिलाफ चीनी दुष्प्रचार

फ्रांसीसी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद राफेल विमानों की छवि खराब करने का अभियान चलाया। चीनी दूतावासों के रक्षा अधिकारियों ने इंडोनेशिया जैसे देशों को राफेल न खरीदने के लिए उकसाया। इसका मकसद फ्रांस निर्मित विमानों की बिक्री रोकना और चीनी विमानों को बढ़ावा देना था। यह भारत की सैन्य ताकत को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा था।

भारत की सुरक्षा पर बढ़ता खतरा

जनरल अनिल चौहान ने कहा कि चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश का संभावित गठजोड़ भारत की स्थिरता के लिए खतरा है। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को चीन की खुफिया और सैन्य मदद ने इस खतरे को और गंभीर बना दिया। भारतीय सेना ने हालांकि सटीक हमलों से पाकिस्तानी ठिकानों को नष्ट किया, लेकिन यह साठगांठ भविष्य में भारत के लिए चुनौती बन सकती है।

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