पेड़ गिरने से मौत: हिमाचल के भवाई ब्लीच गांव में इंद्र सिंह की दुखद मृत्यु; पांच बच्चे हुए अनाथ
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के श्री रेणुका जी उपमंडल के भवाई ब्लीच गांव में रविवार को एक दुखद हादसा हुआ। 45 वर्षीय इंद्र सिंह की पेड़ से गिरने से मौत हो गई। यह घटना पूरे गांव में शोक की लहर ला दी। इंद्र सिंह अपने पशुओं के लिए घास काट रहे थे। इस हादसे ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। उनके पांच छोटे बच्चों का भविष्य अब अनिश्चित है।
हादसे का दर्दनाक विवरण
इंद्र सिंह रविवार को अपने पशुओं के लिए घास-पत्ती लेने गए थे। पेड़ पर चढ़कर घास काटते समय उनका पैर फिसला और वे नीचे गिर गए। गंभीर चोटों के कारण उन्हें तुरंत ददाहू के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह हादसा परिवार के लिए भारी आघात है। गांववासियों ने भी इस नुकसान पर गहरा दुख जताया है।
पोस्टमार्टम के लिए शव नाहन
मृतक इंद्र सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन भेजा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह एक दुर्घटना थी। हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय लोग परिवार की मदद के लिए आगे आए। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ों से घास काटने के खतरों को फिर से उजागर किया है।
परिवार की आर्थिक तंगी
इंद्र सिंह का परिवार बेहद गरीब है। उनके पीछे तीन बेटियां और दो बेटे छूट गए। सबसे बड़ी बेटी की उम्र सिर्फ 6 साल है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। अब इंद्र सिंह की मृत्यु ने उनके लिए और मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इस हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
मदद की गुहार
इस दुखद घटना के बाद परिवार ने शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। इंद्र सिंह परिवार का एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके जाने से बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। स्थानीय लोग भी प्रशासन से परिवार की मदद की अपील कर रहे हैं। यह हादसा ग्रामीण परिवारों की कठिन जिंदगी को दर्शाता है।
शोक में डूबा गांव
भवाई ब्लीच गांव में इस हादसे ने सभी को सदमे में डाल दिया। इंद्र सिंह को गांव में एक मेहनती और नेक व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। उनकी अचानक मृत्यु ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया। लोग उनके बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और मदद की उम्मीद कर रहे हैं।