कांवड़ यात्रा: होटल नाम बदलने के विवाद पर बाबा रामदेव का बड़ा बयान, जानें क्या कहा

Uttar Pradesh News: अगले हफ्ते शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इस दौरान ढाबों और होटलों के नाम बदलने का विवाद फिर चर्चा में है। योग गुरु बाबा रामदेव ने हरिद्वार में कहा कि नाम बदलना गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी को अपनी पहचान पर गर्व करना चाहिए। इस विवाद ने सामाजिक और धार्मिक संवेदनाओं को छू लिया है।

बाबा रामदेव का बयान

बाबा रामदेव ने कांवड़ यात्रा के दौरान होटल और ढाबों के नाम बदलने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी के पूर्वज हिंदू थे, इसलिए नाम छिपाने का कोई मतलब नहीं। लोग अपनी मर्जी से खाना खाएंगे। रामदेव ने जोर दिया कि धार्मिक और व्यावहारिक रूप से नाम बदलना गलत है। उनकी टिप्पणी ने इस मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है। यह बयान सामाजिक एकता पर जोर देता है।

मुजफ्फरनगर में ढाबा विवाद

मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर ‘पंडित जी वैष्णो ढाबा’ के मालिक ने विवाद के बाद ढाबा बंद कर दिया। पुलिस ने मालिक दीक्षा शर्मा, संचालक सनावर और तीन अन्य के खिलाफ पूर्व मैनेजर धर्मेंद्र की पिटाई के लिए एफआईआर दर्ज की। यह विवाद तब शुरू हुआ जब ढाबे के कर्मचारी की पहचान को लेकर सवाल उठे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

भाषा विवाद पर रामदेव की राय

महाराष्ट्र में मराठी-हिंदी भाषा विवाद पर बाबा रामदेव ने एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मराठी सहित सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान जरूरी है। कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों में भाषा या संप्रदाय के आधार पर हिंदुओं को नहीं बंटना चाहिए। रामदेव ने सनातन और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। उनका बयान सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने की कोशिश को दर्शाता है।

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