शिमला अस्पताल: केएनएच में जुड़वां बच्चों के गायब होने का दावा निकला झूठा, जानें मामले की सच्चाई

Himachal News: शिमला के कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में शुक्रवार शाम शिमला अस्पताल में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। मंडी की एक महिला ने जुड़वां बच्चे पैदा होने और गायब होने का सनसनीखेज आरोप लगाया। अस्पताल में हड़कंप मच गया। पुलिस ने हंगामा शांत कराया। जांच में दावा झूठा निकला। महिला और उसके परिवार ने झूठ बोला, जिससे लोग हैरान रह गए।

झूठी कहानी का पर्दाफाश

जांच में पता चला कि महिला बांझपन से पीड़ित है। उसका दो साल से इलाज चल रहा है। प्रेगनेंसी टेस्ट निगेटिव निकला। सीसीटीवी फुटेज में भी कोई बच्चा नहीं दिखा। फिर भी महिला और उसके परिवार ने झूठ को कायम रखा। पुलिस ने महिला और उसके पति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। यह घटना शिमला अस्पताल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।

अस्पताल प्रशासन का जवाब

केएनएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एसएस नेगी ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि महिला तनाव में है और उसे गलतफहमी हो गई। परिवार ने झूठ का साथ दिया। शिमला अस्पताल ने पुलिस में शिकायत दर्ज की। डीडीयू अस्पताल में भी महिला का टेस्ट निगेटिव आया। प्रशासन ने कहा कि यह अस्पताल की छवि खराब करने की कोशिश है।

परिवार का साथ देना हैरानी भरा

महिला के पति, सास, बहन और जीजा ने झूठ में उसका साथ दिया। यह बात सभी को चौंकाने वाली थी। सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट्स ने सच्चाई उजागर की। फिर भी परिवार सच्चाई मानने को तैयार नहीं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। शिमला अस्पताल में इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा छेड़ दी।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई शुरू की। महिला और उसके पति को हिरासत में लिया गया। जांच में झूठ की पुष्टि हुई। पुलिस ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह मामला शिमला अस्पताल में सुरक्षा और पारदर्शिता के मुद्दों को उजागर करता है।

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