नशा मुक्त हिमाचल: पुलिस ने एक माह में 258 तस्करों को दबोचा, करोड़ों की संपत्ति जब्त
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में नशा मुक्त हिमाचल की दिशा में पुलिस का अभियान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ड्रग माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। 19 मई से 19 जून 2025 तक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 258 लोगों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। यह प्रयास नशे के खिलाफ एक बड़ी जीत है।
एसटीएफ की कार्रवाई: 183 मामले दर्ज
एसटीएफ ने एक माह में 183 मामले दर्ज किए। इनमें वाणिज्यिक मात्रा, छोटी मात्रा और नशीले पौधों की खेती से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस ने 2.69 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की, जिसमें चरस, हेरोइन, अफीम, पोस्ता भूसी, टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, एलएसडी और 1.33 लाख से अधिक पोस्त के पौधे शामिल हैं। पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत 21 लोगों के खिलाफ निवारक निरोध की कार्रवाई शुरू हुई, जिनमें छह मामलों में आदेश जारी हो चुके हैं।
एएनटीएफ का योगदान: 12 मामले, लाखों पौधे नष्ट
एएनटीएफ ने भी 12 मामले दर्ज कर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए। इनमें चरस, हेरोइन, पोस्ता भूसी, प्रतिबंधित कैप्सूल और 1.30 लाख से अधिक नशीले पौधे शामिल हैं। नशा मुक्त हिमाचल के लिए यह टीमें न केवल तस्करों पर नकेल कस रही हैं, बल्कि जागरूकता अभियान भी चला रही हैं। स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया जा रहा है।
जनता की भागीदारी: ड्रग फ्री हिमाचल ऐप
प्रदेश सरकार और पुलिस जनता को इस मुहिम का हिस्सा बना रही है। नशा मुक्त हिमाचल के लिए “ड्रग फ्री हिमाचल” मोबाइल ऐप और टोल-फ्री नंबर 1908 के जरिए कोई भी व्यक्ति गोपनीय रूप से सूचना दे सकता है। यह पहल समाज को नशे से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कठोर कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने नशा तस्करों की अवैध संपत्ति पर भी निशाना साधा है। जब्त संपत्ति की पुष्टि सक्षम प्राधिकरण द्वारा की जा रही है। नशा मुक्त हिमाचल अभियान के तहत तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और तेज होगी।