मैदाने वफ़ा दरबार नहीं
याँ नामो निसब की पूछ कहाँ
आशिक़ तो किसी का नाम नहीं
कुछ इश्क़ किसी की ज़ात नहीं
...
नुसरत फ़तेह अली ख़ान की गायी फ़ैज़ की मशहूर नज़्म
मैदाने वफ़ा दरबार नहीं
याँ नामो निसब की पूछ कहाँ
आशिक़ तो किसी का नाम नहीं
कुछ इश्क़ किसी की ज़ात नहीं
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नुसरत फ़तेह अली ख़ान की गायी फ़ैज़ की मशहूर नज़्म