#ElectoralBonds पर सीरीज़ के बाद आपसे कुछ गुफ्तगूं। कृपया पूरा पढ़ियेगा क्योंकि इस ट्वीट-श्रंखला के आखिर में है आपके लिये एक तोहफा।
1. महाराष्ट्र में अभी जो चल रहा है उससे साफ है कि काले पैसे को खुफिया रास्ते से राजनीति में लाने का ज़रिया #ElectoralBonds क्यों भारत के लोकतंत्र के लिये इतना ख़तरनाक है.
2. #Electoral Bond पर मेरी खोजी रिपोर्टिंग पारदर्शिता के लिये लड़ रहे कमोडोर लोकेश बत्रा (रिटा.) द्वारा हासिल RTI दस्तावेज़ों पर आधारित थी जिसे छापने की हिम्मत सबसे पहले @[email protected] ने दिखाई।
3. कमोडोर बत्रा को यह जखीरा हासिल करने में 2 साल लगे जिसके लिये उन्हें कई बार RTI लगानी पड़ी। #ElectoralBonds पर इस सीरीज़ को मेरे अलावा जो लोग भी कारगर मानते हैं उन्हें इसके लिये कमोडोर का शुक्रगुज़ार होना चाहिये।
4. यह अफसोस की बात है कि हाल ही में कानून में संशोधन करके मोदी सरकार ने RTI को ही कमज़ोर कर दिया है।
5. मुझे इन दस्तावेज़ों को पढ़ने में करीब 2 महीने लगे और फिर करीब 20 दिन उन रिपोर्ट्स को लिखने में लगे जो आपने पढ़ीं। इतने सारी लोगों की मदद ली जिनको साथ खड़ा करूं तो एक छोटा सा गांव बन जाये। अफसोस है कि उनमें से कुछ के नाम नहीं ले सकता।
6. इनके अलावा शुक्रिया आपका भी। आपने लगातार मेरी रिपोर्ट्स पढ़ी हैं और हौसला बढ़ाया है।
7. हमने पत्रकारिता में एक नया प्रयोग किया। अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रीय प्रकाशनों के साथ हाथ मिलाया। इसका मकसद यह साबित करना था कि गहरी रिसर्च और पड़ताल की जा सकती है और उसे लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
8. हम यह भी साबित करना चाहते थे लोग ऐसी रिपोर्ट पढ़ना चाहते हैं और सत्ता के झूठ को बेनकाब करने वाली रिपोर्ट को छापने वाली संपादक और प्रकाशक अभी ज़िन्दा हैं।

9. कृपया मेरे साथ आप भी इन सभी का शुक्रिया कहें और इन्हें फॉलो करें।
@[email protected] @[email protected]
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@[email protected]
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@[email protected]
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@[email protected]
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इन सबकी मदद और हौसले से ही आप सब #PaisaPolitics सीरीज़ इतनी भाषाओं में पढ़ पाये।

10. दिल्ली स्थित अंग्रेज़ी भाषा के न्यूज़रूम्स में इन दिनों संपादकों की एक रीढ़विहीन प्रजाति है। इनमें कुछ को मैंने झेला है। लेकिन मैं @[email protected] संपादक @[email protected], का शुक्रगुज़ार हूं । वह सत्ता के झूठ को बेनकाब करने में ज़रा भी नहीं झिझके और संपादक की तरह मिशन को पूरा किया
11. मैं सीरीज़-एडिटर @[email protected] का भी शुक्रिया अदा करता हूं जिनके कारण मैं आज़ादी और विश्वास के साथ काम कर पाया। उन्होंने जी-तोड़ मेहनत की। इन रिपोर्ट्स में किसी भी महत्वपूर्ण पक्ष को छूटने नहीं दिया और कोई ग़लती उनकी नज़र से नहीं बच पाई।
12. लेकिन यह सच सामने आ पाया उसकी वजह है कि भारत के पास महत्वपूर्ण सूचना का अधिकार क़ानून है। इसी क़ानून की भावना के तहत मैं #CommodorePapers का पूरा सेट सार्वजनिक कर रहा हूं।

13. आप इन दस्तावेज़ों को इस लिंक पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं।

https://www.dropbox.com/sh/n8dtbhw9c1sc2ax/AAA6xdFMlRQklUHNrTVjqQ1xa?dl=0

Commodore Papers

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14. इन दस्तावेज़ों में #ElectoralBonds से जुड़े कई स्याह किस्से छुपे हैं जिसके बारे में मैंने अभी तक लिखा नहीं है।
15. मिसाल के तौर पर: बीजेपी अपनी सरकार से कहती है कि वह राजनीतिक चंदे के लिये एक खुफिया रास्ता तैयार करे ताकि पार्टी बिना किसी जांच-पड़ताल के विदेशी डोनेशन ले सके।
16. दोस्तो, अगर आपके न्यूज़रूम में आपको इजाज़त मिले तो इन दस्तावेज़ों को ज़रूर खोदिये। अगर (इन कागज़ों के पढ़ने के बाद) आपको मदद चाहिये तो जो सहयोग हो सकता है मैं ज़रूर दूंगा।
17. यह बस इस ट्वीट-श्रंखला का अंत है। लेकिन #ElectoralBonds की सच्चाई के बारे में कहानी अब भी अधूरी ही है। जल्द ही हम वापस लौटेंगे।
18. इस ट्वीट शृंखला का हिन्दी में रुपांतर करने के लिए मेरे दोस्त @[email protected] को शुक्रिया.