भारत की मीडिया को अब मंदिर मस्जिद का मुद्दा छोड़ते हुए, देश के लिए जरूरी मुद्दों पर बहस शुरू कर देनी चाहिए।

क्योंकि

युवा रोजगार मांग रहा है
गरीब आदमी महंगाई से परेशान है
देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी है
महिलाओं को सुरक्षा की जरूरत है
किसान कर्ज में डूबे हुए है।