Former Winnipeg officer avoids jail time for stealing during 2024 'integrity test'
A former Winnipeg police constable who admitted to stealing cash and other items he thought were evidence during a 2024 "integrity test" avoided jail time during an emotional court hearing on Wednesday, after he reached a joint sentencing recommendation with prosecutors.
https://www.cbc.ca/news/canada/manitoba/matthew-kadyniuk-sentencing-9.7198424?cmp=rss
Lawyers for Toronto cop accused in corruption probe ask court to review bail ruling
Lawyers for a Toronto police constable accused of leaking information to criminals in a corruption case that has rocked law enforcement in the region are asking the court to reconsider the decision to deny him bail.
https://www.cbc.ca/news/canada/toronto/project-south-corruption-probe-barnhardt-bail-ruling-9.7143414?cmp=rss
HSSC Constable Vacancy 2026 details released! 5,500 posts for male, female & Railway Police. Check details and apply soon! https://english.mathrubhumi.com/education/news/hssc-police-constable-recruitment-2026-js3837fc?utm_source=dlvr.it&utm_medium=mastodon #HaryanaSSC #PoliceConstable #Recruitment #AdmitCard

पुलिस कॉन्स्टेबल: 12 साल बिना ड्यूटी लिया 28 लाख रुपए वेतन, जानें कैसे उजागर हुआ घोटाला

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश पुलिस में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने 12 साल तक ड्यूटी किए बिना 28 लाख रुपये का वेतन लिया। विदिशा जिले का यह कॉन्स्टेबल 2011 में भर्ती हुआ था, लेकिन प्रशिक्षण के बाद घर लौट गया। डीजीपी के तबादला आदेश और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से यह घोटाला उजागर हुआ। अब इसकी जांच एसीपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।

2011 में शुरू हुआ मामला

यह कॉन्स्टेबल 2011 में मध्य प्रदेश पुलिस में भर्ती हुआ। प्रशिक्षण के बाद उसे पुलिस लाइन्स भेजा गया। वहां से उसे सागर में आगे के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। लेकिन वह ड्यूटी जॉइन करने की बजाय घर चला गया। उसने अपना सर्विस रिकॉर्ड स्पीड पोस्ट से वापस भेज दिया। अधिकारियों ने रिकॉर्ड जमा कर लिया, लेकिन उसकी अनुपस्थिति पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

12 साल तक मिलता रहा वेतन

कॉन्स्टेबल ने 12 साल तक कोई ड्यूटी नहीं की, फिर भी उसका वेतन हर महीने बैंक खाते में आता रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान उसने 28 लाख रुपये वसूले। यह राशि अब जांच के बाद वसूल की जाएगी। इतने लंबे समय तक इस लापरवाही का न पकड़ा जाना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। यह मामला जवाबदेही की कमी को दर्शाता है।

डीजीपी के आदेश से खुलासा

डीजीपी ने लंबे समय से एक ही थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश दिया। साथ ही, सभी पुलिसकर्मियों के डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने को कहा। इस प्रक्रिया में कॉन्स्टेबल की अनुपस्थिति सामने आई। डीजीपी के इस कदम ने पुलिस विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश को रेखांकित किया। इस खुलासे ने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच में तेजी, कार्रवाई का वादा

डीसीपी मुख्यालय श्रद्धा तिवारी ने बताया कि एसीपी टीटी नगर अंकिता खटारकर इस मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने पर कॉन्स्टेबल और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वेतन की वसूली भी की जाएगी। यह घटना पुलिस विभाग में सुधार की जरूरत को उजागर करती है। लोगों में इस जांच के नतीजों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

विभागीय लापरवाही पर सवाल

इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 12 साल तक एक कॉन्स्टेबल की अनुपस्थिति का न पकड़ा जाना लापरवाही को दर्शाता है। डिजिटल रिकॉर्ड और नियमित निगरानी की कमी ने इस घोटाले को बढ़ावा दिया। यह घटना न केवल पुलिस प्रशासन, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को रेखांकित करती है।

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यूपी पुलिस भर्ती: लखनऊ में 60,244 अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र, अमित शाह और योगी रहे मौजूद

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 15 जून को इतिहास रचा गया। यूपी पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी यूपी पुलिस भर्ती में 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। डिफेंस एक्सपो ग्राउंड पर आयोजित इस समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र दिए। कड़ी सुरक्षा के बीच यह आयोजन हुआ।

समारोह में नेताओं का संबोधन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस भर्ती ने हर वर्ग के युवाओं को मौका दिया। उन्होंने अभ्यर्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, “ट्रेनिंग में जितना मेहनत करोगे, उतना ही कम जोखिम होगा।” वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने यूपी में कानून व्यवस्था की तारीफ की। उन्होंने कहा, “योगी सरकार ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की। बिना सिफारिश के 12,048 महिलाओं सहित सभी अभ्यर्थियों का चयन हुआ।” शाह ने यह भी भरोसा जताया कि 2047 तक भारत के विकास में यूपी की बड़ी भूमिका होगी।

यूपी पुलिस भर्ती की खासियत

यह भर्ती अपने पैमाने और पारदर्शिता के लिए जानी जा रही है। 48.17 लाख आवेदकों में से 60,244 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें 12,048 महिलाएं शामिल हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने बायोमेट्रिक सत्यापन और आरएफआईडी ट्रैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को किसी सुरक्षा बल में नियुक्ति मिली।

हाईटेक ट्रेनिंग की शुरुआत

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद 16 जून से अभ्यर्थियों की हाईटेक ट्रेनिंग शुरू होगी। पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों को आधुनिक बनाया गया है। सभी अभ्यर्थियों को विशेष किट, बेहतर आवास और भोजन की सुविधा मिलेगी। यह यूपी पुलिस भर्ती न केवल रोजगार का अवसर है, बल्कि यूपी पुलिस को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

गृहमंत्री का भव्य स्वागत

समारोह से पहले, गृहमंत्री अमित शाह का लखनऊ हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या और बृजेश पाठक सहित कई नेता मौजूद रहे। इस आयोजन ने यूपी की प्रगति और युवाओं के सपनों को साकार करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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ट्रंप की यात्रा के लिए, बच्चे को गोद में लेकर ड्यूटी करने के लिए मजबूर महिला कांस्टेबल
बच्चे को गोद में लेकर ड्यूटी करती है महिला कांस्टेबल। Gujarat #Women #PoliceConstable #Gujarat
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ट्रंप की यात्रा के लिए, बच्चे को गोद में लेकर ड्यूटी करने के लिए मजबूर महिला कांस्टेबल - HW News Hindi

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