पुलिस भर्ती: हिमाचल में HPPSC ने खारिज किए अनियमितता के आरोप, कानूनी कार्यवाही की दी चेतावनी
Himachal News: हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पुलिस भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों को खारिज किया। 15 जून 2025 को आयोजित पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी थी। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने धांधली के आरोप लगाए थे। आयोग ने कहा कि सभी प्रक्रियाओं का पालन हुआ। सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों की जांच चल रही है। अभ्यर्थियों से शिकायतों के लिए सीधे संपर्क करने को कहा गया है।
आयोग की जांच और बयान
HPPSC ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं मिले। सीसीटीवी फुटेज और केंद्रों की रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है। जिला प्रशासन या पर्यवेक्षकों से अनियमितता की कोई शिकायत नहीं मिली। आयोग ने गलत सूचना फैलाने की निंदा की। भ्रामक दावों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अभ्यर्थियों को शिकायत के लिए आयोग से संपर्क करने को कहा गया।
पूर्व मुख्यमंत्री के आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पुलिस भर्ती में धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कई शिकायतें मिली हैं। ठाकुर के मुताबिक, दो व्यक्तियों को 34 लाख रुपये लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। HPPSC ने इन दावों को निराधार बताया। आयोग ने पारदर्शिता का भरोसा दिलाया और जांच की बात दोहराई।
अभ्यर्थियों के लिए आयोग का आह्वान
HPPSC ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे पुलिस भर्ती परीक्षा से जुड़ी शिकायतें सीधे आयोग तक पहुंचाएं। आयोग ने आश्वासन दिया कि सभी शिकायतों की गहन जांच होगी। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। आयोग ने पारदर्शिता और निष्पक्षता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अधिक जानकारी के लिए HPPSC की वेबसाइट देखें।