हिमाचल में कोरोना वायरस केस: मास्क अनिवार्य, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस केस की संख्या में वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है। नाहन में एक 82 वर्षीय महिला के पॉजिटिव पाए जाने के बाद सभी सरकारी अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने और हाथ की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई है। यह कदम कोरोना वायरस केस को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
IGMC में विशेष प्रबंध
शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में कोरोना वायरस केस से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। अस्पताल में 150 ऑक्सीजन युक्त बेड के साथ एक मेकशिफ्ट कोविड वार्ड स्थापित किया गया है। IGMC के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रवीण एस. भाटिया ने बताया कि पर्याप्त टेस्टिंग किट और दवाएं उपलब्ध हैं। चिकित्सकों की टीम 24 घंटे मरीजों की देखभाल के लिए तैनात है।
स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता
स्वास्थ्य विभाग ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और मेडिकल कॉलेजों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। बीते सप्ताह विभाग ने अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट की जांच करने और ICU सुविधाएं सुदृढ़ करने का आदेश दिया था। कोरोना वायरस केस के लक्षण जैसे बुखार, खांसी या जुकाम दिखने पर लोगों को तुरंत जांच करवाने की सलाह दी गई है।
जनता से सावधानी की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़ से बचने और मास्क पहनने की अपील की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि कोविड-19 के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। यह कदम संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को टेस्टिंग और उपचार की सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
पहले भी देखा गया है उछाल
हिमाचल में इससे पहले 2020 और 2021 में कोविड की लहरें देखी गई थीं। दूसरी लहर में मई 2021 में 91,043 मामले दर्ज किए गए थे। वर्तमान में कोरोना वायरस केस की संख्या कम है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। नाहन में हालिया मामला सामने आने के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है।
