जातिगत हिंसा: कथावाचकों के बाद अहीर रेजिमेंट के चीफ गगन यादव पर भी FIR दर्ज; जानें पूरा मामला
Uttar Pradesh News: इटावा के दांदरपुर गांव में जातिगत हिंसा ने माहौल गरमा दिया। कथावाचक मुकुट मणि यादव और संत सिंह यादव के साथ मारपीट और अपमान के बाद सैकड़ों लोग बकेवर थाने पर जमा हुए। प्रदर्शन हिंसक हो गया, पथराव और हवाई फायरिंग हुई। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन कथावाचकों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने से विवाद बढ़ गया। यह मामला संवेदनशील हो गया है।
हिंसक प्रदर्शन और गिरफ्तारी
22-23 जून को दांदरपुर में कथावाचकों के साथ मारपीट और सिर मुंडवाने की घटना हुई। इसके बाद अहीर रेजीमेंट और यादव संगठनों ने बकेवर थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी। पुलिस से झड़प में पथराव हुआ, जिसके जवाब में हवाई फायरिंग की गई। पुलिस ने 19 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और 13 वाहन सीज किए। SSP बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
कथावाचकों पर मुकदमा
मामले ने नया मोड़ लिया जब जयप्रकाश तिवारी ने कथावाचकों पर जातिगत हिंसा को बढ़ाने का आरोप लगाया। उनके दावे के अनुसार, मुकुट मणि और संत सिंह ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर अपनी जाति छुपाई। पुलिस ने धोखाधड़ी के तहत मुकदमा दर्ज किया। इस कदम से प्रदर्शन और तेज हो गया। कथावाचक संत सिंह ने कहा कि अपमान ने उनके परिवार को तोड़ दिया। यह मामला सामाजिक तनाव को दर्शाता है।
राजनीतिक विवाद
BJP ने इसे सपा की साजिश बताया, जबकि सपा ने खुद को प्रदर्शन से अलग कर लिया। सपा नेता प्रदीप शाक्य ने कहा कि पुलिस की लापरवाही से बवाल हुआ। अखिलेश यादव ने पीड़ितों से मुलाकात कर समर्थन जताया। BJP के शिव महेश दुबे ने तिवारी का समर्थन किया। यह जातिगत हिंसा का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। जांच को इटावा से झांसी पुलिस को सौंपा गया है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मामले को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। सोशल मीडिया पर अफवाहों पर नजर रखी जा रही है। SSP ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी। चार आरोपियों—आशीष तिवारी, उत्तम अवस्थी, निक्की अवस्थी और मनु दुबे—को गिरफ्तार किया गया। वीडियो और फोटो के आधार पर अन्य प्रदर्शनकारियों की तलाश जारी है। यह घटना सामाजिक एकता के लिए चुनौती बन रही है।