Maa Durga Amritwani | दुर्गा अमृतवाणी Lyrics in Hindi & English
दुर्गा अमृतवाणी (Maa Durga Amritwani) Lyrics in Hindi मंगलमयी भय मोचिनी दुर्गा सुख की खान जिसके चरणों की सुधा स्वयं पिये भगवान दुःखनाशक संजीवनी नवदुर्गा का पाठ जिससे बनता भिक्षुक भी दुनिया का सम्राट अम्बा दिव्या स्वरूपिणी का ऐसो प्रकाश पृथ्वी जिससे ज्योतिर्मय उज्जव्वल है आकाश दुर्गा परम सनातनी जग की सृजनहार आदि भवानी महादेवी सृष्टि का आधार जय जय दुर्गे माँ, जय जय दुर्गे माँ